Published 2026-07-13
How to Cite
Abstract
संस्कृति एक समाज या समुदाय की जीवनशैली, परंपराएँ, विश्वास, कला, भाषा, रीति-रिवाज और नैतिक मूल्यों का समुच्चय होती है, जो समय के साथ विकसित होती रहती है। इसे हम समाज के सदस्य के रूप में उत्तराधिकार स्वरूप प्राप्त करके अपनी अगली पीढ़ी को स्थानांतरित कर देते हैं।
प्राथमिक स्तर पर शिक्षा के माध्यम से संस्कृति का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक स्थानांतरण आसानी से किया जा सकता है। अतः विद्यालय में सांस्कृतिक भागीदारी को सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है।
वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य में सांस्कृतिक विविधता बढ़ने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी विविध पृष्ठभूमियों से आने वाले विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है। अतः ऐसी परिस्थिति में प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों के लिए विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमियों से आने वाले विद्यार्थियों की संस्कृति का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक हो जाता है, जिसे बहुसांस्कृतिक शिक्षा के माध्यम से संभव बनाया जा सकता है।
इस शोध-लेख के अध्ययन उपरांत प्राथमिक स्तर के अध्यापक बहुसांस्कृतिक शिक्षा की संकल्पना, ऐतिहासिक विकास, घटक तथा विद्यालयी अधिगम पारिस्थितिकी में इसकी उपादेयता से परिचित होकर कक्षागत शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को सांस्कृतिक रूप से और अधिक समावेशी बना सकेंगे।
इसके माध्यम से वे विद्यार्थियों को विविध संस्कृतियों के प्रति सकारात्मक योगदान देने संबंधी ज्ञान, क्षमता, मूल्य और स्वभाव प्राप्त करने में सक्षम बना सकेंगे।