खंड 44 No. 3 (2024): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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राष्ट्र निर्माण में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के शैक्षिक विचारों की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में उपादेयता

संघ्या यादव
शोधार्थी, शिक्षाशास्त्र विभाग, आर्य कन्या डिग्री कॉलेज, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज – 211002
अमित कुमार
असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षाशास्त्र विभाग, आर्य कन्या डिग्री कॉलेज, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज – 211002

प्रकाशित 2026-07-14

संकेत शब्द

  • डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम,
  • राष्ट्र निर्माण,
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020,
  • विकसित भारत,
  • शिक्षा प्रणाली,
  • आत्मनिर्भरता,
  • आर्थिक विकास,
  • युवा शक्ति,
  • वैश्विक प्रतिस्पर्धा,
  • मानव संसाधन विकास
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सार

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम देश के एयरोस्पेस वैज्ञानिक थे। इन्हें भारत के ‘मिसाइलमैन’ के नाम से भी जाना जाता है। 15 अक्टूबर को उनकी जयंती के दिन विश्व विद्यार्थी दिवस मनाया जाता है। वे भारत को 2020 तक विकसित राष्ट्र के रूप में प्रतिस्थापित करना चाहते थे। उनका सपना था कि 121 करोड़ (अब लगभग142 करोड़) भारतीयों के जीवन स्तर को उच्च स्तर तक लाकर, उन्हें उन सभी बुनियादी सुख-सुविधाएँ मुहैया कराई जाएँ, जिसके वे अधिकारी हैं। देश को गरीबी मुक्त कर अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाना, साथ ही 2022 तक अमेरिका और चीन के बाद भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर दुनिया में अपनी पहचान बनाए। प्रति व्यक्ति आय में सुधार करने के साथ ही, भारत का प्रत्येक क्षेत्र यथा शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, व्यापार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बने। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की कल्पना करती है, इसका उद्देश्य है, दे एक ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करना, जो उच्च स्तर की हो, जिससे भारत वैश्विक पटल पर एक महाशक्ति के रूप में उभरे। इसमें पाँच स्तंभों को बताया गया है, जैसे—पहुँच, समानता, गुणवत्ता, सामर्थ्य तथा जवाबदेही, जिनका अनुसरण कर हम विकसित भारत के सपने को साकार कर सकते हैं, साथ ही हमारे युवा राष्ट्रीय तथा वैश्विक चुनौतियों से सामना करने के लिए तैयार हो सकेंगे। वर्तमान में भारत सरकार भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से इस दिशा में निरंतर प्रयत्नशील है, ताकि भारत को विश्व में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त हो सके। यद्यपि वर्तमान में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरी है, फिर भी भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रयासों को और बढ़ावा देना है। यदि हम डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के शैक्षिक विचारों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से आगे बढ़ते हैं तो निश्चित रूप से आगामी वर्षों में भारत विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में सम्मिलित हो जाएगा।