उत्तर भारत के उन्मुख जिलों में विज्ञान शिक्षा में सीखने के प्रतिफलों का स्तर : एक अध्ययन
Published 2026-07-14
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Abstract
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का लक्ष्य भारत के विकास के लिए शिक्षा की अनिवार्य आवश्यकताओं को पूरा करना है। इसमें सीखने के प्रतिफलों पर आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु ज्ञान के विविध क्षेत्रों को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने पर बल दिया गया है। साथ ही, विज्ञान शिक्षा को अन्य विषयों के साथ जोड़कर नवीन ज्ञान के सृजन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
यह शोधपत्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में विज्ञान शिक्षा के महत्व को ध्यान में रखते हुए द्वितीयक स्रोतों से उपलब्ध आँकड़ों एवं तथ्यों के आधार पर विकसित किया गया है। इस शोध अध्ययन का मुख्य उद्देश्य उत्तर भारत के उन्मुख जिलों में विज्ञान शिक्षा में माध्यमिक स्तर (कक्षा 10वीं) पर सीखने के प्रतिफलों के स्तर की वास्तविक स्थिति ज्ञात करना था। इसके लिए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2021 की जिला स्तरीय रिपोर्टों से उत्तर भारत के छह राज्यों तथा एक केंद्रशासित प्रदेश के सभी 22 उन्मुख जिलों में विज्ञान शिक्षा से संबंधित आँकड़ों का चयन किया गया।
सभी द्वितीयक आँकड़ों का सांख्यिकीय रूप से प्रतिशत के आधार पर विश्लेषण एवं विवेचन किया गया। अध्ययन के परिणामों से ज्ञात हुआ कि उत्तर भारत के उन्मुख जिलों में माध्यमिक विद्यालय स्तर (कक्षा 10वीं) पर विज्ञान शिक्षा में विद्यार्थियों का औसत निष्पादन केवल 36.15 प्रतिशत था। अर्थात् इन जिलों में विज्ञान शिक्षा में सीखने के प्रतिफलों का स्तर औसत से भी कम पाया गया।
अतः इन जिलों में विज्ञान शिक्षा के सीखने के प्रतिफलों को बेहतर बनाने के लिए माध्यमिक स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप की आवश्यकता है। शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया तथा संबंधित गतिविधियों में नवाचारों एवं तकनीकी के समावेश द्वारा अधिगम को अधिक सुगम और सशक्त बनाया जा सकता है।