Vol. 14 No. 2 (2025): Voices of Teachers and Teacher Educators
Articles

गणित में समस्याओं से जूझने का आनंद

Published 2026-02-12

Keywords

  • आत्म-नियंत्रित अधिगम,
  • एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP),
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020,
  • शिक्षक शिक्षा,
  • मेटाकॉग्निशन,
  • नीति विश्लेषण
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How to Cite

मालवीय म. (2026). गणित में समस्याओं से जूझने का आनंद. Voices of Teachers and Teacher Educators, 14(2), p.142-150. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/vtte/article/view/5054

Abstract

तेजी से बदलते सामाजिक परिवेश और सतत शैक्षिक सुधारों के संदर्भ में शिक्षकों में आत्म-नियंत्रित अधिगम (Self-Regulated Learning–SRL) कौशल का विकास अत्यंत आवश्यक हो गया है। आत्म-नियंत्रित अधिगम भविष्य के शिक्षकों को आजीवन अधिगमकर्ता, चिंतनशील पेशेवर तथा अपने विद्यार्थियों में SRL को प्रोत्साहित करने वाले सक्रिय अभिकर्ता के रूप में विकसित करता है, जिससे सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन संभव होता है। इस संदर्भ में प्रस्तुत अध्ययन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) संशोधन विनियम 2021, एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP) के पाठ्यचर्या ढाँचे तथा माध्यमिक स्तर के लिए सुझाए गए ITEP पाठ्यक्रमों जैसे प्रमुख नीतिगत दस्तावेज़ों का समालोचनात्मक विश्लेषण करता है। अध्ययन का उद्देश्य इन दस्तावेज़ों में माध्यमिक स्तर के भावी शिक्षकों के लिए आत्म-नियंत्रित अधिगम दक्षताओं के विकास से संबंधित प्रत्यक्ष एवं अंतर्निहित संदर्भों की पहचान और विश्लेषण करना है। अध्ययन में ज़िम्मरमैन और मोयलन (2009) के चक्रीय SRL मॉडल पर आधारित एक वैचारिक रूपरेखा का उपयोग किया गया है, जिसमें मेटाकॉग्निशन, आत्म-प्रभावकारिता, आत्म-निगरानी, प्रेरणा तथा स्व-निर्देशित अधिगम जैसे घटक और कार्य-विश्लेषण, आत्म-मूल्यांकन, परावर्तन, सहयोगात्मक अधिगम, प्रतिपुष्टि, योजना निर्माण एवं समस्या समाधान जैसी रणनीतियाँ सम्मिलित हैं। विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि यद्यपि NCTE द्वारा सुझाए गए पाठ्यक्रमों में SRL रणनीतियों का समावेश किया गया है, तथापि प्रेरणा को अपेक्षाकृत अधिक महत्व दिया गया है, जबकि मेटाकॉग्निटिव जागरूकता और आत्म-प्रभावकारिता जैसे महत्त्वपूर्ण आयाम अपेक्षित स्तर तक विकसित नहीं किए गए हैं। अध्ययन निष्कर्षतः यह रेखांकित करता है कि भावी शिक्षकों में समग्र आत्म-नियंत्रित अधिगम कौशल विकसित करने हेतु स्थितिजन्य अधिगम परिवेश और रूपांतरणकारी शिक्षक शिक्षा दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना आवश्यक है, जिससे वे सामाजिक एवं शैक्षिक परिवर्तनों की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।