Published 2026-07-13
How to Cite
Abstract
यह बेहद ज़रूरी है कि स्कूलों में गणित को एक उदासीन और गंभीर विषय के रूप में नहीं पहचाना जाना चाहिए।
बाल मनोविज्ञान में अनुसंधानों के माध्यम से प्ले-वे पद्धति को शिक्षाशास्त्र के एक मज़बूत माध्यम के रूप में मान्यता मिली है। इस शोध लेख में शोधकर्ता ने कक्षा में खेल-विधि से संबंधित विभिन्न प्रयासों और चिंताओं को समायोजित करने का प्रयास किया है तथा उपयुक्त उदाहरणों के साथ यह प्रदर्शित किया है कि कक्षा में इसका उपयोग कैसे किया जा सकता है।
खेलना मनुष्य के मूल स्वभाव में है। खेल अपरिवर्तनीय रूप से मानव जीवन से जुड़ा है और हम सीखने के लिए भी खेल सकते हैं। खेलना और सोचना एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं।
शिक्षकों का मत है कि खेल एक ऐसी प्रक्रिया है, जो गणित के प्रति बच्चों में सकारात्मक दृष्टिकोण को विकसित करने में सहायक हो सकती है और अवधारणाओं को स्पष्ट करती है। इसके अलावा, खेल रचनात्मकता, कल्पनाओं, लोकतांत्रिक मूल्यों, सौंदर्यशास्त्र और अन्य क्षमताओं को विकसित करने में मदद करता है।
यह बच्चों के सामाजिक, शारीरिक, भावनात्मक और बौद्धिक विकास को भी बढ़ाता है। इसलिए यह आवश्यक है कि स्कूलों में बच्चों को खेलने और खुश रहने के पर्याप्त अवसर दिए जाएँ।