प्रकाशित 2025-12-04
संकेत शब्द
- शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया,
- विज्ञान शिक्षक,
- पाठ्यवस्तु का स्वरूप
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सार
एक शिक्षक अपने प्रभावशाली शिक्षण द्वारा विद्यार्थी के विचार एवं व्यवहार में परिवर्तन ला सकता है। शिक्षकों द्वारा दिन-प्रतिदिन शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को विशिष्ट रूप प्रदान किया जा रहा है। वर्तमान समय में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया अब परिवर्तित होकर दक्ष प्रक्रिया के रूप में सामने आ रही है। शिक्षक, अपनी शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को सफल बनाने हेतु शिक्षण के प्रत्येक तत्व, जैसे— पाठ्यवस्तु का स्वरूप, प्रकृति, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, शिक्षण विधियाँ, अधिगम वातावरण, शिक्षण नीतियाँ, मलू्यांकन आदि का पूर्ण ज्ञान होना आवश्यक मानने लगे हैं। विद्यार्थियों द्वारा माध्यमिक स्तर पर अनेक विषयों का अध्ययन किया जाता है तथा प्रत्येक विषय की प्रकृति अलग-अलग होती है। अतः प्रत्येक विषय के शिक्षक के लिए अपने विषय शिक्षण में दक्ष होना आवश्यक है। शिक्षक प्रशिक्षण के दौरान अध्यापक-प्रशिक्षक, विद्यार्थी-शिक्षक को विषय से संबंधित आवश्यक कौशलों, अधिगम वातावरण के सृजन आदि में दक्ष बनाने का प्रयास करते हैं, जिससे भावी शिक्षक जब अध्यापक बनकर विद्यालय में जाएँ तो वे अपने विद्यार्थियों को आवश्यक अधिगम अनुभव प्रदान कर उनमें वांछित व्यवहार परिवर्तन कर सकें । इस लेख में एक विद्यार्थी-शिक्षक के दक्ष विज्ञान शिक्षक बनने हेतु आवश्यक अध्यापकीय तैयारी के बारे में विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।