Articles
Published 2024-12-23
Keywords
- हिन्दी का इतिहास,
- साहित्यिक विकास
How to Cite
राजनी सिंह. (2024). खड़ी बोली हिन्दी का इतिहास ओर वर्तमान . भारतीय आधुनिक शिक्षा, 35(04), p. 83-88. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/bas/article/view/2106
Share
Abstract
खड़ी बोली हिन्दी का इतिहास अत्यंत समृद्ध और विविध है। इसके विकास में संस्कृत, प्राकृत, और अपभ्रंश जैसी भाषाओं का योगदान रहा है। मध्यकाल में यह भाषा साहित्य, भक्ति, और सूफी साहित्य के माध्यम से लोकप्रिय हुई, जबकि औपनिवेशिक काल में इसे एक व्यापक भाषा के रूप में स्थापित किया गया। आज यह भारत की राष्ट्रीय भाषा के रूप में प्रचलित है और वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही है। इसके साहित्य, संस्कृति, और भाषा के क्षेत्र में निरंतर विकास हो रहा है, और इसके माध्यम से भारत की सांस्कृतिक धरोहर और समाज की विविधताओं को सम्मान मिलता है।