Vol. 30 No. 02 (2009): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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प्राथमिक कक्षा मै अंकलन के क्षेत्र मे उभरती नई सोच

Published 2009-10-31

Keywords

  • प्राथमिक कक्षा,
  • सामाजिक-भावनात्मक विकास

How to Cite

एनसीईआरटी. (2009). प्राथमिक कक्षा मै अंकलन के क्षेत्र मे उभरती नई सोच. भारतीय आधुनिक शिक्षा, 30(02), 117. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/bas/article/view/66

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Abstract

यह लेख प्राथमिक कक्षा में अंकलन के क्षेत्र में उभरती नई सोच और उसके महत्व को उजागर करता है। पारंपरिक अंकलन पद्धतियों से हटकर, वर्तमान में शिक्षा जगत में ऐसी नई दृष्टि विकसित हो रही है, जो छात्रों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए उनकी क्षमताओं और कौशलों का मूल्यांकन करती है। यह लेख प्राथमिक कक्षा में छात्रों के शिक्षा-आधारित प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के नए और समग्र तरीकों की आवश्यकता पर बल देता है, जो न केवल शैक्षिक परिणामों पर बल्कि छात्रों की रचनात्मकता, सोचने की क्षमता, और सामाजिक-भावनात्मक विकास पर भी ध्यान केंद्रित करते हैं।