Vol. 44 No. 3 (2024): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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उच्चतर माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि पर ऑनलाइन एवं ऑफलाइन शिक्षण का प्रभाव

मंजूषा कापड़ी
शोधार्थी, शिक्षा संकाय, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा, उत्तराखंड 263601
देवेन्द्र सिंह बिष्ट
असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षा संकाय, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा, उत्तराखंड 263601

Published 2026-07-14

How to Cite

कापड़ी म., & बिष्ट द. स. (2026). उच्चतर माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि पर ऑनलाइन एवं ऑफलाइन शिक्षण का प्रभाव. भारतीय आधुनिक शिक्षा, 44(3), p.126-137. https://doi.org/10.64742/qjskgt62

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Abstract

यह शोध अध्ययन उच्चतर माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि पर ऑनलाइन एवं ऑफलाइन शिक्षण के प्रभाव का तुलनात्मक अध्ययन पर आधारित है। इस शोध अध्ययन में विवरणात्मक सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया गया था। न्यादर्श के रूप में अल्मोड़ा शहर के (वर्ष 2023) दो सरकारी तथा दो निजी विद्यालयों (कुल 04 विद्यालयों) में से कक्षा 11वीं के 25 छात्र एवं 25 छात्राओं का चयन किया गया था। इस प्रकार न्यादर्श में कुल 100 छात्र तथा 100 छात्राओं का सरल यादृच्छिक विधि द्वारा चयन किया गया था। विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि के मापन हेतु कक्षा 11वीं के अर्द्धवार्षिक तथा वार्षिक परीक्षा के परिणामों को लिया गया था। सांख्यिकीय विधियों के लिए मध्यमान, मानक विचलन, ‘टी’ परीक्षण का प्रयोग किया गया था। निष्कर्षतः ऑनलाइन एवं ऑफलाइन शिक्षण के आधार पर उच्चतर माध्यमिक स्तर के छात्रों व छात्राओं की शैक्षणिक उपलब्धि में कोई सार्थक अंतर नहीं पाया गया। सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि में कोई सार्थक अंतर नहीं पाया गया। जबकि निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि में सार्थक अंतर पाया गया है, जिसमें विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि ऑनलाइन शिक्षण में अधिक पाई गई। क्योंकि ऑनलाइन शिक्षण के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रमों को ऑनलाइन साझा कर आधुनिक शिक्षण विधियों, एनिमेशन, पी.पी.टी., वीडियो लेक्चर जैसे तरीकों का प्रयोग कर पढ़ाया जाता है, जिससे शिक्षण प्रभावी रूप से होता है। अतः यह शोध पत्र दर्शाता है कि शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन शिक्षण में प्रयुक्त ई-संसाधनों का प्रयोग ऑफलाइन मोड में भी किया जाए। साथ ही, शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की गतिविधि-आधारित शिक्षण विधियों में जोड़कर अनुभव-आधारित अधिगम को बढ़ावा दिया जाए।