Vol. 44 No. 3 (2024): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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हैप्पी हार्मोन परीक्षा के तनाव को दूर करने का सार्थक उपाय

सुशील कुमार तिवारी
एसोसिएट प्रोफेसर, अध्यापक शिक्षा विभाग, एन.आई.ई., राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, नई दिल्ली 110016
शरद सिन्हा
प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, अध्यापक शिक्षा विभाग, एन.आई.ई., राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, नई दिल्ली 110016

Published 2026-07-14

How to Cite

तिवारी स. क., & सिन्हा श. (2026). हैप्पी हार्मोन परीक्षा के तनाव को दूर करने का सार्थक उपाय. भारतीय आधुनिक शिक्षा, 44(3), p.110-119. https://doi.org/10.64742/8cmtg888

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Abstract

परीक्षा मानवीय जीवन का एक अभिन्न अंग है, जो सीखने-सिखाने की प्रक्रिया के साथ होती रहती है, जिसमें विद्यार्थी को अपनी होने वाली परीक्षा का आभास भी नहीं होता है। इसलिए परीक्षा को सकारात्मक, परिणामकारी और उपयोगी माना जाता है। किंतु वर्तमान समय में परीक्षा कुछ विद्यार्थियों के लिए तनाव का कारण बन रही है, जिसके कारण विद्यार्थी उचित निर्णय न लेकर अपने जीवन को निरर्थक एवं स्वयं को दोषी मानते हैं। अतः विद्यार्थियों का तनाव व चिंता से ग्रसित होना हम सभी के लिए चिंतनीय है। क्योंकि इस तनाव व चिंता के कारण विद्यार्थियों के शरीर में हार्मोनल परिवर्तन होने लगते हैं। इस हार्मोनल परिवर्तन का विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं व्यावहारिक पक्ष पर अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। परंतु इन्हीं हार्मोनों में हैप्पी हार्मोन भी होते हैं, जो विद्यार्थी को तनाव से दूर करने में सहायक होते हैं। इसलिए विद्यार्थियों के समग्र विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा के विभिन्न आयामों पर अध्ययन करना आवश्यक है। प्रस्तुत लेख विद्यार्थियों में परीक्षा के तनाव एवं चिंता से होने वाले परिवर्तनों को उजागर करता है। साथ ही, लेख में परीक्षा के तनाव के जैविक एवं सामाजिक कारणों के साथ-साथ, उनके प्रभावों एवं निदान के उपायों की विवेचना की गई है। इस लेख में, परीक्षा के तनाव को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री की पहल ‘परीक्षा पे चर्चा’ की सार्थक जानकारी भी सम्मिलित की गई है।