Vol. 32 No. 04 (2012): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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बच्चों का कोना

Published 2024-11-29

Keywords

  • भावनात्मक विकास,
  • शारीरिक गतिविधियाँ

How to Cite

अमरेन्द्र बेहरा, & अंजुला सागर. (2024). बच्चों का कोना . भारतीय आधुनिक शिक्षा, 32(04), p. 111. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/bas/article/view/967

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Abstract

यह लेख "बच्चों का कोना" पर आधारित है, जो बच्चों के खेलने, सीखने और उनकी कल्पनाशक्ति के विकास के लिए बनाए गए विशेष स्थानों के महत्व पर चर्चा करता है। बच्चों का कोना, जिसे आमतौर पर घरों, विद्यालयों या बालकिशोर केंद्रों में विशेष रूप से डिजाइन किया जाता है, बच्चों के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास के लिए एक सुरक्षित और सृजनात्मक वातावरण प्रदान करता है। इस लेख में यह बताया गया है कि कैसे बच्चों के खेलने के लिए बनाए गए कोने, जैसे कला कोना, पुस्तक कोना, खेल कक्ष या आराम क्षेत्र, उनके सामाजिक कौशल, संज्ञानात्मक विकास और आत्म-समर्पण को बढ़ावा देते हैं।

लेख में यह भी कहा गया है कि बच्चों का कोना, न केवल बच्चों को अपनी स्वतंत्रता और रचनात्मकता का अनुभव करने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि यह उनकी मानसिक शांति और शारीरिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। यह विशेष स्थान बच्चों को सहायक, प्रेरक और सुरक्षित वातावरण में विकसित होने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास और सामाजिक संबंध मजबूत होते हैं।