खंड 45 No. 3 (2026): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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मल्हार कक्षा 6 के लिए हिंदी की पाठ्यपुस्तक का विश्लेषणात्मक अध्ययन

नरेश कुमार
सहायक आचार्य, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, वरुण मार्ग, डिफेंस कॉलोनी, नई दिल्ली 110024

प्रकाशित 2026-07-14

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सार

पाठ्यपुस्तकें शैक्षिक अनुभव के लिए आधारभूत होती हैं, जो विद्यार्थी एवं शिक्षक दोनों के लिए प्राथमिक संसाधन के रूप में काम करती हैं। भारत में विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023 (एन.सी.एफ.एस.ई. 2023) प्रभावी पाठ्यपुस्तकों के निर्माण के लिए प्रमुख सिद्धांतों की रूपरेखा प्रस्तुत करती है। यह लेख उन सिद्धांतों का उल्लेख करता है, जो पाठ्यपुस्तकों के निर्माण एवं विकास के लिए अति आवश्यक हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एन.ई.पी. 2020) और इसके आधार पर विकसित विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023, भारतीय विद्यालयी शिक्षा में समग्र सुधार की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023 पाठ्यपुस्तक निर्माण को केवल ज्ञान हस्तांतरण का माध्यम न मानकर इसे बच्चों के समग्र विकास, व्यावहारिक समझ, आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता और संवेदनशीलता को विकसित करने का साधन मानती हैं। इस लेख में विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023 में वर्णित पाठ्यपुस्तकों के निर्माण से संबंधित मुख्य सिद्धांतों के आलोक में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (रा.शै.अ.प्र.प.) द्वारा प्रकाशित कक्षा 6 के लिए हिंदी की पाठ्यपुस्तक मल्हार का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।