Published 2026-07-14
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Abstract
समावेशी शिक्षा ने विविधता का उत्सव मनाने और सभी विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुँच को सुनिश्चित करने के एक साधन के रूप में ध्यान आकर्षित किया है। वास्तव में, समावेशी शिक्षा के केंद्र में समावेशी भाषा निहित है, जो सम्मानजनक और सीखने हेतु अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने के लिए एक बुनियाद के रूप में कार्य करती है। यह लेख समावेशी शिक्षा की अवधारणा एवं शैक्षिक वातावरण निर्माण में भाषा की शक्ति को स्पष्ट करता है, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी की विशिष्ट पहचान और अनुभवों को पहचानने तथा अपनाने वाली समावेशी संस्कृतियों के शैक्षिक मॉडल पर चर्चा की गई है। साथ ही यह लेख विविधता का सम्मान करने एवं सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के संदर्भ में समावेशी शिक्षा के लिए समावेशी भाषा की आवश्यकता एवं महत्व पर प्रकाश डालता है।
इसके अतिरिक्त, यह लेख समसामयिक परिप्रेक्ष्य में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’, ‘बुनियादी स्तर के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2022’ और ‘विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023’ के आलोक में समावेशी भाषा पर व्यापक प्रकाश डालते हुए, बच्चों को वास्तविक दुनिया से जोड़ने के अवसरों पर चर्चा करता है। यह लेख विद्यार्थियों को तैयार करने और सामाजिक न्याय के लिए समावेशी भाषा की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।