Vol. 44 No. 3 (2024): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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आरंभिक स्तर पर पहेलियों द्वारा शिक्षण-अधिगम

आरोही
शोधार्थी, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, दिल्ली 110042

Published 2026-07-14

How to Cite

आरोही. (2026). आरंभिक स्तर पर पहेलियों द्वारा शिक्षण-अधिगम. भारतीय आधुनिक शिक्षा, 44(3), p.33-43. https://doi.org/10.64742/q5afhk59

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Abstract

बच्चों की शिक्षा में पहेलियों का विशेष महत्व होता है। पहेलियाँ बालमन पर अत्यधिक प्रभाव डालती हैं। ये न केवल बच्चों का मनोरंजन करती हैं; अपितु उनमें मूल्यों, भाषा, तार्किकता एवं कल्पनाशीलता का भी विकास करती हैं। इसके अतिरिक्त पहेलियाँ बच्चों में, खेल-खेल में सीखने में भी महत्वपूर्ण एवं निर्णायक भूमिका का निर्वाह करती हैं।

पहेलियाँ जहाँ एक ओर बुनियादी एवं आरंभिक स्तर पर बच्चों की शिक्षा एवं अधिगम को सुदृढ़ आधार प्रदान करती हैं, तो वहीं दूसरी ओर ये बच्चों के सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन और विकास को विशेष दिशा एवं आधार प्रदान करती हैं।

पहेलियों के माध्यम से शिक्षण-अधिगम बड़ी ही सहजता एवं रुचिकर ढंग से किया जा सकता है तथा अपेक्षित अधिगम प्रतिफलों को सरलता से प्राप्त किया जा सकता है। इस लेख में पहेलियों की विशेषताएँ, उपयोगिता एवं लाभ, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में पहेलियों का अनुप्रयोग, पहेलियों के निर्माण में ध्यान देने योग्य बातें, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में पहेलियों के अनुप्रयोग के संदर्भ में अध्यापक की भूमिका आदि के विषय में चर्चा की गई है।