Vol. 43 No. 01 (2022): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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वर्तमान में योगवासिष्‍ठ शिक्षा की प्रासं गिकता एक समग्र दृि‍ष्‍ट‍‍कोण

Published 2025-03-25

Keywords

  • वर्तमान में योगवासिष्‍,
  • शिक्षा की प्रासगिं कता

How to Cite

वाजपेयी द. (2025). वर्तमान में योगवासिष्‍ठ शिक्षा की प्रासं गिकता एक समग्र दृि‍ष्‍ट‍‍कोण. भारतीय आधुनिक शिक्षा, 43(01), p. 9-14. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/bas/article/view/4201

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Abstract

परिचय: योगवासिष्ठ, जिसे "योगवासिष्ठ महापुराण" भी कहा जाता है, एक प्राचीन भारतीय धार्मिक और दार्शनिक ग्रंथ है, जो विशेष रूप से वेदांत और योग के सिद्धांतों को समझाने के लिए लिखा गया है। यह ग्रंथ राम और उनके गुरु वशिष्ठ के संवादों के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें जीवन, ब्रह्मा, आत्मा और संसार के बारे में गहरी दार्शनिक शिक्षाएँ दी गई हैं। इस ग्रंथ में आत्मज्ञान, साधना, ध्यान, और मोक्ष की प्राप्ति के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया है।