Vol. 38 No. 01 (2017): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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शिक्षा का अधिनियम, 2009 का विधारतियों की नियमितता व शेकक्षिक उपलब्धि पर प्रभाव

Published 2025-03-03

Keywords

  • विधार्थियों की नियमितता,,
  • मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा

How to Cite

शर्मा स. (2025). शिक्षा का अधिनियम, 2009 का विधारतियों की नियमितता व शेकक्षिक उपलब्धि पर प्रभाव . भारतीय आधुनिक शिक्षा, 38(01), p. 41-54. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/bas/article/view/3415

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Abstract

यह अध्ययन "शिक्षा का अधिनियम, 2009" (Right to Education Act, 2009) के प्रभाव का विश्लेषण करता है, विशेष रूप से छात्रों की नियमितता और शैक्षिक उपलब्धि पर इसके प्रभावों को लेकर। शिक्षा का अधिनियम, 2009 ने भारत में प्रत्येक बच्चे को 6 से 14 वर्ष की आयु के बीच मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्रदान किया, जिसका उद्देश्य शिक्षा में समानता और समावेशिता को बढ़ावा देना है। इस अधिनियम ने शिक्षा प्रणाली में कई सुधार किए हैं, जिनमें गुणवत्ता, पहुंच, और बच्चों की शिक्षा में भागीदारी को बढ़ावा देना शामिल है।

इस अध्ययन में यह पाया गया कि शिक्षा का अधिनियम, 2009 ने विधार्थियों की नियमितता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति और भागीदारी में सुधार हुआ है, खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में। इसके अतिरिक्त, इस अधिनियम ने विद्यालयों में अवकाश, अनुपस्थिति और विशेष शिक्षण विधियों को संबोधित किया, जिससे बच्चों की नियमितता में वृद्धि हुई है।