Vol. 36 No. 01 (2015): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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अध्यापकों की भविष्य निष्ठुरता और समावेशी शिक्षा

Published 2024-12-23

Keywords

  • समावेशी शिक्षा,
  • शिक्षक का समर्पण

How to Cite

शारदा कुमारी. (2024). अध्यापकों की भविष्य निष्ठुरता और समावेशी शिक्षा . भारतीय आधुनिक शिक्षा, 36(01), p. 39-46. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/bas/article/view/2115

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Abstract

अध्यापकों की भविष्य निष्ठुरता और समावेशी शिक्षा का एक साथ होना छात्रों के शैक्षिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। जब शिक्षक अपने पेशे के प्रति समर्पण और निष्ठुरता के साथ बच्चों की विविध जरूरतों को समझते हैं, तो वे समाज में समावेशन और समानता के सिद्धांतों को लागू करने में सक्षम होते हैं। समावेशी शिक्षा में सभी छात्रों को समान शैक्षिक अवसर मिलते हैं, और यह शिक्षा प्रणाली समाज में समान अधिकारों और समाज में समरसता को बढ़ावा देती है। हालांकि, इस दिशा में संसाधनों की कमी और शिक्षकों की प्रशिक्षित क्षमता जैसी कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं, फिर भी यह शिक्षा के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।