खंड 48 No. 4 (2024): प्राथमिक शिक्षक
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समावेशी शिक्षा तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023 : एक विमर्श

सुमित गंगवार
सहायक आचार्य, शिक्षाशास्त्र विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश – 226007
राज गुप्ता
पीएच.डी. शोधार्थी (शिक्षाशास्त्र), शिक्षाशास्त्र विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश – 226007

प्रकाशित 2026-07-13

सार

इस शोधपत्र में विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एन.सी.एफ.-एस.ई.) 2023 में समावेशी शैक्षणिक अभ्यासों का विस्तृत अध्ययन किया गया है। इस शोध कार्य में शोधार्थी का प्रमुख उद्देश्य एन.सी.एफ.-एस.ई. 2023 के अध्याय 4 ‘विद्यालयों में समावेशन’ के भाग 4.1 ‘समावेशन के सिद्धांत’, भाग 4.2 ‘विभिन्न स्तरों में समावेशी अभ्यासों का चित्रण’, भाग 4.3 ‘दिव्यांग विद्यार्थियों के समावेशन हेतु अभ्यास’ तथा भाग 4.4 ‘विशेष प्रतिभा वाले विद्यार्थियों के समावेशन हेतु अभ्यास’ का गहन अध्ययन करना था।

इस कार्य हेतु गुणात्मक शोध उपागम के अंतर्गत विषयवस्तु विश्लेषण तथा तार्किक विश्लेषण विधि का उपयोग किया गया। विषयवस्तु तथा तार्किक विश्लेषण के उपरांत शोधार्थी ने अपने निष्कर्षों में पाया कि एन.सी.एफ.-एस.ई. 2023 के भाग 4.1 में उल्लिखित समावेशन के सिद्धांत विद्यालयी शैक्षणिक अभ्यासों में व्याप्त असमानताओं को समाप्त कर सभी विद्यार्थियों के शैक्षिक, सामाजिक, मानसिक तथा बौद्धिक विकास का मार्ग प्रशस्त करने के लिए विद्यालयी शैक्षणिक परिवेश में आमूल-चूल परिवर्तन का संदर्भ प्रस्तुत करते हैं।

भाग 4.2 में विभिन्न स्तरों, जैसे—भौतिक पहुँच, भाषा, सुरक्षा, पाठ्यचर्या सामग्री तथा शिक्षणशास्त्र में समावेशी अभ्यासों का विस्तृत चित्रण प्रस्तुत किया गया है। भाग 4.3 तथा 4.4 में विभिन्न नवाचारी अभ्यासों के माध्यम से विद्यालयी परिवेश में क्रमशः दिव्यांग तथा विशेष प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के समावेशन संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं।

इस शोधपत्र के अध्ययन के उपरांत विद्यालयी शिक्षा के विभिन्न स्तरों से जुड़े हितधारक, जैसे—अध्यापक, विद्यार्थी, विद्यालय प्रशासन तथा नीति-निर्माता लाभान्वित हो सकते हैं। विशेष रूप से विद्यालयी स्तर पर कार्यरत अध्यापक कक्षागत शिक्षण-अधिगम परिस्थितियों में समावेशी अभ्यासों को लागू करते समय विद्यार्थियों की विविधताओं को ध्यान में रखकर उपयुक्त अधिगम परिवेश का निर्माण करने में सक्षम हो सकेंगे।