खंड 48 No. 2 (2024): प्राथमिक शिक्षक
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा समावेशी शिक्षा : एक नीतिगत विमर्श

सुमित गंगवार
असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षाशास्त्र विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ, उत्तर प्रदेश – 226007
आकाश पटेल
पीएच.डी. शोधार्थी, शिक्षाशास्त्र विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ, उत्तर प्रदेश – 226007

प्रकाशित 2026-07-13

सार

भारत सरकार द्वारा 29 जुलाई, 2020 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को अनुमोदित किया गया। इस नीति में प्रारंभिक बाल्यावस्था से लेकर उच्चतर शिक्षा तक के लिए एक व्यापक रूपरेखा प्रदान की गई है।

प्रस्तुत शोध-लेख का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उन बिंदुओं का विश्लेषण एवं प्रस्तुतीकरण करना है, जिनमें समावेशी शिक्षा के दृष्टिकोण से विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में अभिवृद्धि करने संबंधी सुझाव दिए गए हैं।

इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु विषयवस्तु विश्लेषण पद्धति का उपयोग किया गया। अध्ययन के निष्कर्षों से यह ज्ञात हुआ कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 समावेशी शिक्षा के मुद्दे पर विशेष हस्तक्षेप करते हुए उसके गुणवत्ता संवर्धन के लिए अपने विभिन्न भागों एवं उपभागों में अनेक महत्वपूर्ण प्रावधानों और सुझावों को सम्मिलित करती है।

नीति में विद्यालयी स्तर पर समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रभावी उपायों का उल्लेख किया गया है। इन सुझावों का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को समान, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

प्रस्तुत लेख के अध्ययन के उपरांत विद्यालयी स्तर पर कार्यरत सेवाकालीन अध्यापक तथा इस स्तर पर अध्यापन हेतु तैयार हो रहे सेवापूर्व अध्यापक, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में समावेशी शिक्षा से जुड़े प्रावधानों एवं सुझावों से परिचित होकर उन्हें शैक्षणिक प्रक्रियाओं में प्रभावी रूप से लागू कर सकेंगे।

इसके माध्यम से विद्यालयी परिवेश तथा कक्षागत अधिगम परिस्थितियों को समावेशी शिक्षा के मूलभूत सिद्धांतों के अनुरूप अधिक संवेदनशील, समावेशी, परिमार्जित एवं परिष्कृत बनाया जा सकेगा।