Published 2026-07-13
How to Cite
Abstract
यह लेख कोलाम जनजाति प्रधान भौगोलिक क्षेत्र में राज्य द्वारा संचालित आँगनवाड़ी केंद्रों के वृत्त अध्ययन को प्रस्तुत करता है। कोलाम समुदाय सतपुड़ा क्षेत्र में भौगोलिक सीमांत पर बसा एक लघु समूह है, जिसकी अपनी एक विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है।
इनकी अनूठी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को संज्ञान में लेते हुए, इस शोध कार्य में यह जानने का प्रयास किया गया है कि किस तरह से प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ई.सी.सी.ई.) के कार्यक्रम गैर-वर्चस्व वाले समुदायों को सीखने का गुणवत्तापूर्ण अवसर उपलब्ध कराकर उनके समावेशन का रास्ता निर्मित करते हैं।
उक्त प्रश्न को संबोधित करने के लिए महाराष्ट्र के वर्धा जिले में कोलाम जनजाति बहुल मांडवा पोड और वागदरा गाँव के आँगनवाड़ी केंद्रों का वृत्त अध्ययन किया गया।
इस अध्ययन के अंतर्गत एकत्रित आँकड़ों को तीन वृहद वर्गों— शिक्षार्थी और शिक्षण से संबंधित विश्वास, शिक्षण-अधिगम में संलग्नता और आँगनवाड़ी केंद्रों का स्थानीय कोलाम समुदाय से संबंध— में व्यवस्थित कर शोध प्रश्न को संबोधित किया गया।
इस विश्लेषण में पाया गया कि कोलाम जनजाति के बच्चों हेतु आँगनवाड़ी केंद्रों में औपचारिक शिक्षा का प्रथम अनुभव उन्हें उनकी संस्कृति से दूर खींचने वाला सिद्ध हो रहा है।
इस सीमा को दूर करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एन.ई.पी.) एक महत्वपूर्ण प्रस्थान बिंदु है। इसके निहितार्थों को भी इस लेख में प्रस्तुत किया गया है।