Vol. 49 No. 4 (2025): प्राथमिक शिक्षक
Articles

भविष्य की ओर शिक्षा — एन.सी.एफ.-एस.ई. 2023 के सिद्धांतों का अध्ययन

अहमद अहमद
शोधार्थी (एम.एड.), शिक्षाशास्त्र विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश – 211002
हिमांशी
शोधार्थी (एम.एड.), शिक्षाशास्त्र विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश – 211002
विवेक सिंह
सहायक आचार्य, शिक्षाशास्त्र विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश – 211002

Published 2026-07-13

How to Cite

अहमद अ., हिमांशी, & सिंह व. (2026). भविष्य की ओर शिक्षा — एन.सी.एफ.-एस.ई. 2023 के सिद्धांतों का अध्ययन. प्राथमिक शिक्षक, 49(4), p.63-76. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5332

Abstract

यह शोध-पत्र विद्यालयी शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एन.सी.एफ.-एस.ई.) 2023 का समग्र एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की दूरदर्शी संकल्पनाओं को व्यावहारिक एवं सुदृढ़ शैक्षिक सुधारों से जोड़ने का प्रयास है।

यह अध्ययन गुणात्मक विषयवस्तु विश्लेषण पद्धति पर आधारित है, जिसमें नीति दस्तावेजों, पूर्ववर्ती पाठ्यचर्या रूपरेखाओं तथा प्रासंगिक अनुसंधान साहित्य की सुव्यवस्थित समीक्षा सम्मिलित है।

विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि एन.सी.एफ.-एस.ई. 2023 एक सशक्त विद्यार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करता है तथा यह रचनावाद, आधुनिक शिक्षाशास्त्र और मानव पूंजी सिद्धांत जैसे सुदृढ़ सैद्धांतिक ढाँचों पर आधारित है।

यह पाठ्यचर्या रूपरेखा समावेशिता, बहुभाषी शिक्षा, डिजिटल एकीकरण, अनुभवात्मक अधिगम तथा 21वीं सदी के कौशलों को विद्यालयी शिक्षा के मूलभूत आधार के रूप में स्थापित करती है।

इसके अतिरिक्त, एन.सी.एफ.-एस.ई. 2023 सामाजिक-भावनात्मक विकास, मूल्यपरक शिक्षा तथा करियर मार्गदर्शन को विद्यालयी शिक्षा के अनिवार्य स्तंभों के रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे विद्यार्थियों का समग्र एवं संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।

यह रूपरेखा शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को अधिक अर्थपूर्ण, प्रासंगिक और जीवनोपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

समग्रतः, एन.सी.एफ.-एस.ई. 2023 भारतीय शिक्षा प्रणाली को समावेशी, न्यायसंगत, गुणवत्तापूर्ण और भविष्य-उन्मुख बनाने की व्यापक क्षमता रखती है तथा यह विद्यालयी शिक्षा को राष्ट्रीय विकास के लक्ष्यों से प्रभावी रूप से जोड़ने का एक सशक्त वैचारिक एवं संरचनात्मक आधार प्रदान करती है।