खंड 45 No. 3 (2026): भारतीय आधुनिक शिक्षा
Articles

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में व्यावसायिक शिक्षा की पुनर्कल्पना एक विश्लेषण

जकी मुमताज
सहायक आचार्य, महाविद्यालय ऑफ टीचर एजुकेशन, मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी, भोपाल, मध्य प्रदेश 462030

प्रकाशित 2026-07-14

##plugins.generic.shariff.share##

सार

किसी भी देश के विकास में व्यावसायिक शिक्षा का अत्यधिक महत्त्व होता है। इसकी सहायता से व्यक्तियों को किसी विशिष्ट क्षेत्र में ज्ञान एवं कौशल-प्रशिक्षण के माध्यम से जीविकोपार्जन के योग्य बनाया जाता है। इस लेख में समसामयिक संदर्भ में व्यावसायिक शिक्षा की आवश्यकता एवं चुनौतियों पर चर्चा की गई है। इस लेख में व्यावसायिक शिक्षा के प्रसार व उन्नयन के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को प्रस्तुत किया गया है। इसके साथ ही, लेख के अंतर्गत समग्र शिक्षा के तहत व्यावसायिक शिक्षा के उन्नयन हेतु किए गए प्रयासों का विश्लेषण करते हुए, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में की गई विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाओं एवं दिए गए सुझावों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया है। इस लेख का मुख्य उद्देश्य है कि व्यावसायिक शिक्षा को विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर पर शिक्षा की मुख्यधारा से एकीकृत करने का प्रयास करना। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की संस्तुतियों को क्रियान्वित के पश्चात आने वाले वर्षों में व्यावसायिक शिक्षा को शिक्षा की मुख्यधारा के साथ समावेशित किया जा सकता है। इसके साथ ही, शिक्षा को विद्यालयी शिक्षा तथा उच्च शिक्षा के साथ एकीकृत किया जाएगा। यदि हम ऐसा करते हैं तो विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध होंगे। इस नीति में व्यवस्था है कि विद्यालयों से ड्रॉप आउट विद्यार्थियों को पुनः औपचारिक प्रणाली से जोड़ने तथा ऐसे बच्चे जो काम करने के कारण विद्यालय नहीं जा सकते, उन्हें मुक्त और दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने के अवसर प्राप्त होंगे।