प्रकाशित 2026-07-14
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सार
शिक्षा के क्षेत्र में विकास के बिना कोई भी देश विकसित राष्ट्र नहीं बन सकता। वर्तमान में दुनिया बड़े पैमाने पर वैश्विक शिक्षा के विस्तार पर कार्य कर रही है, जो वर्तमान युग की चुनौतियों का सामना करने तथा मानवता के लिए शिक्षा को सबसे शक्तिशाली साधन के रूप में स्थापित करने से संबंधित है।
यह शोधपत्र ब्रिक्स देशों — ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका — की वर्ष 2012 से 2022 तक की अवधि में शिक्षा पर किए गए निवेश एवं व्यय का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसमें ब्रिक्स देशों के बीच प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद दर, साक्षरता दर तथा शिक्षा पर सकल घरेलू उत्पाद के निवेश एवं व्यय का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है।
इस शोध अध्ययन में पाया गया कि ब्रिक्स देश अभी भी विकसित देशों से पीछे हैं। प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद के संदर्भ में रूस, चीन और ब्राजील का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर है, जबकि भारत और दक्षिण अफ्रीका जैसे विकासशील देश अभी पीछे हैं। शिक्षा पर सकल घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका अधिक व्यय कर रहे हैं, जबकि चीन सबसे कम व्यय कर रहा है।
भारत द्वारा शिक्षा पर किए गए व्यय के आँकड़ों को संतोषजनक नहीं माना जा सकता, क्योंकि ब्रिक्स देशों की तुलना में भारत की साक्षरता दर सबसे कम पाई गई है। अतः भारत को शत-प्रतिशत साक्षरता दर प्राप्त करने के लिए शिक्षा पर वर्तमान 4.6 प्रतिशत व्यय दर को बढ़ाने की आवश्यकता है।