Vol. 33 No. 01 (2012): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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स्कूली शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य में सामुदायिक गण की सार्थ कता

Published 2024-11-29

Keywords

  • सामुदायिक गण,
  • अभिभावक भूमिका

How to Cite

लता पाण्डे. (2024). स्कूली शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य में सामुदायिक गण की सार्थ कता. भारतीय आधुनिक शिक्षा, 33(01), p. 68-78. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/bas/article/view/992

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Abstract

आज के समय में, स्कूली शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह एक समग्र समाजिक प्रक्रिया बन चुकी है, जिसमें समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक हो गई है। सामुदायिक गण (Community Involvement) शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरा है, जो न केवल छात्रों के शैक्षिक विकास को बढ़ावा देता है, बल्कि उनके सामाजिक और मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस लेख में हम स्कूली शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य में सामुदायिक गण की सार्थकता और इसके लाभों पर चर्चा करेंगे।

सामुदायिक गण के माध्यम से, शिक्षक, छात्र और अभिभावक एक साथ मिलकर शिक्षा प्रक्रिया में योगदान करते हैं, जिससे शिक्षा के स्तर में सुधार होता है और समाज में समानता को बढ़ावा मिलता है। यह न केवल शिक्षा के अवसरों को बढ़ाता है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक समृद्ध और सहयोगात्मक वातावरण भी तैयार करता है। सामुदायिक सहभागिता से बच्चों में आत्मविश्वास, सामाजिक जिम्मेदारी, और सकारात्मक दृष्टिकोण उत्पन्न होता है, जो उनके जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक हैं।