Vol. 44 No. 4 (2024): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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हिंदी व्याकरण उपलब्धि परीक्षण के मानकीकरण की प्रक्रिया

खुशबू वर्मा
शोधार्थी, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक, मध्य प्रदेश – 484886
एम. टी. वी. नागाराजू
आचार्य एवं विभागाध्यक्ष, शिक्षा विभाग, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक, मध्य प्रदेश – 484886

Published 2026-07-14

How to Cite

वर्मा ख., & नागाराजू ए. ट. व. (2026). हिंदी व्याकरण उपलब्धि परीक्षण के मानकीकरण की प्रक्रिया. भारतीय आधुनिक शिक्षा, 44(4), p.85-98. https://doi.org/10.64742/3qtn6232

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Abstract

यह शोधपत्र शोध-अध्ययन हेतु उपकरण के निर्माण से संबंधित है, जिसमें शोधार्थी द्वारा हिंदी व्याकरण उपलब्धि परीक्षण के निर्माण एवं मानकीकरण के चरणों का वर्णन किया गया है। किसी भी शोध-अध्ययन के लिए सार्थक उपकरण एक महत्वपूर्ण आधार होता है, जिसके बिना शोध कार्य पूर्ण नहीं माना जा सकता। इसी उद्देश्य से शोधार्थी ने कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों की हिंदी व्याकरण में उपलब्धि का मापन करने हेतु एक उपलब्धि परीक्षण का निर्माण एवं मानकीकरण किया।

उपलब्धि परीक्षण हेतु चयनित प्रकरण उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित हिंदी भाषा के पाठ्यक्रम पर आधारित थे। परीक्षण निर्माण के प्रारंभिक चरण में शोधार्थी द्वारा 100 एकांश तैयार किए गए, जिनकी वैधता विषय-विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों द्वारा सुनिश्चित की गई।

इस उपकरण के परीक्षण के लिए उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के सात माध्यमिक विद्यालयों के 141 विद्यार्थियों का न्यादर्श के रूप में चयन किया गया। परीक्षण से प्राप्त आँकड़ों के आधार पर प्रत्येक एकांश का कठिनाई स्तर एवं विभेदन सूचकांक निर्धारित किया गया। इस प्रक्रिया के बाद हिंदी व्याकरण उपलब्धि परीक्षण के अंतिम प्रारूप में 71 एकांश सम्मिलित किए गए, जिनकी विश्वसनीयता का मान 0.83 प्राप्त हुआ।

अतः इस शोधपत्र में शोधार्थी द्वारा माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की हिंदी व्याकरण उपलब्धि का मापन करने हेतु उपलब्धि परीक्षण के निर्माण एवं उसके मानकीकरण की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है, जो शोधार्थियों एवं अन्य हितधारकों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकती है।