Vol. 44 No. 4 (2024): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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विद्यालयी शिक्षा का आधार : विद्यालय प्रमुख

माधव पटेल
माध्यमिक शिक्षक, शासकीय नवीन माध्यमिक विद्यालय लिधौरा, विकासखण्ड बटियागढ़, जिला दमोह, मध्य प्रदेश – 470775।

Published 2026-07-14

How to Cite

पटेल म. (2026). विद्यालयी शिक्षा का आधार : विद्यालय प्रमुख. भारतीय आधुनिक शिक्षा, 44(4), p.51-61. https://doi.org/10.64742/ec4j1274

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Abstract

विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना होता है, इसलिए उनकी शैक्षणिक गतिविधियों में संलग्नता सुनिश्चित करना विद्यालय प्रमुख का मुख्य लक्ष्य होता है। अभिभावक अपने बच्चों को इसी विश्वास और आशा के साथ विद्यालय भेजते हैं कि वहाँ उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सकेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 समतामूलक समाज और समावेशी शिक्षा के अंतर्गत सभी विद्यार्थियों के लिए अधिगम को सुलभ बनाने पर बल देती है।

इसके लिए विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में विद्यालय प्रमुख के कुछ महत्वपूर्ण दायित्व होते हैं। उन दायित्वों को पूरा करने के लिए उसे स्वयं की क्षमताओं को जानना भी आवश्यक है। इस प्रकार वह स्वयं को समझते हुए विद्यालय के शिक्षकों के साथ मिलकर दल का निर्माण करता है और नवाचारों को नेतृत्व प्रदान करता है। साथ ही, वह समुदाय एवं विद्यार्थियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को रोचक और ज्ञानवर्धक बनाता है।

शिक्षकों के शिक्षण कौशलों में निखार लाने तथा विद्यार्थियों की संलग्नता, सक्रियता एवं ठहराव को बढ़ाने में विद्यालय प्रमुख की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इन प्रयासों को विद्यालयी स्तर पर क्रियान्वित करने में विद्यालय प्रमुख के रूप में लेखक के प्रयास पूर्णतः सफल रहे, जिसके परिणामस्वरूप विद्यालय में उपस्थिति, विद्यार्थियों की सक्रियता तथा उपलब्धि के स्तर में वृद्धि हुई।

अतः यह लेख विद्यालय प्रमुखों एवं हितधारकों को विद्यालय प्रबंधन तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में मार्गदर्शन प्रदान कर सकता है।