Vol. 44 No. 2 (2023): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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पूर्णांकों को हमने कैसे समझा?

सुधांशु शर्मा
शोधार्थी, सेंटर फॉर एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जोधपुर 342030
संतोष कुमार गुप्ता
शोधार्थी, शिक्षा एवं शैक्षिक प्रौद्योगिकी विभाग, हैदराबाद विश्वविद्यालय, हैदराबाद 500046

Published 2026-07-14

How to Cite

शर्मा स., & गुप्ता स. क. (2026). पूर्णांकों को हमने कैसे समझा?. भारतीय आधुनिक शिक्षा, 44(2), p.83-91. https://doi.org/10.64742/qas24j62

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Abstract

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत को वैश्विक पटल पर दृढ़ता से स्थापित करने हेतु प्रतिबद्ध है, जिसके निहितार्थ हेतु भारत के बुनियादी स्तर के प्रत्येक विद्यार्थी को बुनियादी संख्यात्मक क्रियाओं को सिखाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जब स्वतंत्र भारत के शताब्दी वर्ष 2047 में प्रवेश करें तो प्रत्येक विद्यार्थी बुनियादी संख्या ज्ञान में पारंगत हो और वह राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने में सक्षम हो। इस शोध-पत्र में कक्षा 8 के विद्यार्थियों द्वारा गणित के पूर्णांकों को हल करने में की गई त्रुटियों पर शोध अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। इसमें यह ज्ञात हुआ है कि कक्षा 8 के विद्यार्थियों को अभी भी पूर्णांकों जैसी महत्वपूर्ण संख्याओं की क्रियाओं को हल करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, पूर्णांकों को हल करते समय विद्यार्थियों द्वारा किस प्रकार की सामान्य त्रुटियाँ होती हैं, उनको पहचानने तथा उनके निवारण हेतु शिक्षक को अपनी कक्षा में विभिन्न युक्तियों को अपनाने का सुझाव दिया गया है।