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Published 2024-12-23
Keywords
- आत्म-नियंत्रण,
- नैतिक शिक्षा
How to Cite
रशिम श्रीवास्तव. (2024). विधालयी अनुशासन के सबंद मै गांधी जी का दिशानिदर्शन . भारतीय आधुनिक शिक्षा, 36(02), p. 63-74. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/bas/article/view/2201
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Abstract
इस आर्टिकल में महात्मा गांधी के शिक्षा दर्शन और उनके अनुशासन पर दृष्टिकोण पर चर्चा की गई है। गांधी जी ने हमेशा माना कि शिक्षा केवल किताबों और परीक्षा से संबंधित नहीं होती, बल्कि यह बच्चों के चरित्र निर्माण और उनके मानसिक, शारीरिक, और नैतिक विकास से भी जुड़ी होती है। आर्टिकल में यह स्पष्ट किया गया है कि गांधी जी के अनुसार, विधालयी अनुशासन का उद्देश्य छात्रों को उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना था, ताकि वे अच्छे नागरिक और समाज के जिम्मेदार सदस्य बन सकें।