Vol. 35 No. 01 (2014): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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मूलय शिक्षा की आवशकता

Published 2024-12-23

Keywords

  • शिक्षा प्रणाली,
  • नैतिकता

How to Cite

अमित कुमार देव, & पूनम दवे. (2024). मूलय शिक्षा की आवशकता . भारतीय आधुनिक शिक्षा, 35(01), p. 5-9. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/bas/article/view/1878

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Abstract

मूल्य शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, नैतिकता और जिम्मेदारी का विकास करना है। यह शिक्षा केवल शैक्षिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज में अच्छे नागरिक बनाने के लिए आवश्यक नैतिक गुणों को भी सिखाती है। आज के दौर में जब समाज में बढ़ते हुए भ्रष्टाचार, हिंसा, अपराध, और नैतिक पतन के प्रभावों को देखा जा रहा है, तब मूल्य शिक्षा की आवश्यकता और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।