Published 2026-07-14
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Abstract
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एन.ई.पी.), शिक्षा में प्रगतिशील सुधार की एक आधारशिला है जिसका उद्देश्य 21वीं सदी की शैक्षिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए भारत की शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाकर उसे एक नवीन रूप देना है। इस नीति का मुख्य लक्ष्य समावेशिता के प्रति प्रतिबद्धता है। यह नीति न्यायसंगत तथा सुलभ शिक्षा प्रणाली की कल्पना करती है जो दिव्यांग बच्चों (सी.डब्ल्यू.एस.एन.) को उनकी विशिष्ट ज़रूरतों को पूरा करते हुए मुख्यधारा की शिक्षा में एकीकृत करती है। इस लेख में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मुख्य प्रावधानों में अनुरूप पाठ्यक्रम का विकास, समावेशी प्रथाओं के लिए शिक्षक प्रशिक्षण, सहायक प्रौद्योगिकियों का उपयोग तथा संसाधन केंद्रों की स्थापना आदि से जुड़ी विषयवस्तु को शामिल किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 समस्याओं की शीघ्र पहचान और उनके समाधान पर अधिक बल देती है। इसके लिए शिक्षा मंत्रालय तथा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (विशेष आवश्यकता समूह शिक्षा विभाग, रा.शै.अ.प्र.प.) के संयुक्त तत्वाधान में निर्मित नेशनल गाइडलाइंस एंड इम्प्लिमेंटेशन फ्रेमवर्क ऑन इक्विटेबल एंड इंक्लूसिव एजुकेशन (एन.जी.आई.एफ.ई.आई.ई.) आर.पी.डब्ल्यू.डी. अधिनियम 2016, समग्र शिक्षा के क्रियान्वयन की रूपरेखा, भारतीय पुनर्वास परिषद (आर.सी.आई.) के पहल एवं केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सी.आई.ई.टी.) की डिजिटल प्रयासों को इस लेख में शामिल किया गया। यह लेख समावेशी शिक्षा हेतु राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दृष्टिकोण की पड़ताल करता है तथा पहचान करता है। इसके साथ ही, सभी विद्यार्थियों के लिए एक समावेशी शैक्षिक वातावरण बनाने के लिए कार्यवाही योग्य रणनीतियों का सुझाव देता है। प्रस्तुत लेख में शिक्षा से जुड़े सभी सहभागियों व हितधारकों की ज़िम्मेदारी का भी उल्लेख किया गया है।