Published 2026-07-14
How to Cite
Share
Abstract
अनुभव से सीखने की अवधारणा नई नहीं है। कई शिक्षा मनोवैज्ञानिकों ने सीखने की प्रक्रिया में अनुभव की भूमिका को स्वीकार किया है। हाल में, शिक्षा में आए महत्वपूर्ण बदलावों ने अनुभवजन्य, ज्ञानात्मक और कौशल आधारित शिक्षा को महत्व दिया है। इस आवश्यकता को समझते हुए, विद्यार्थियों को अनुभवात्मक ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से ‘प्रेरणा’ कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2024 में की गई है।
‘प्रेरणा’ भारतीय शिक्षा प्रणाली के सिद्धांतों एवं मूल्य-आधारित शिक्षा के दर्शन के प्रति एक सशक्त प्रतिबद्धता से प्रेरित कार्यक्रम है, जो ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ पर आधारित है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध परंपराओं के प्रति सम्मान व “वसुधैव कुटुम्बकम्” (विश्व एक परिवार है) की भावना को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकों तथा व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से मूल्यों को अनुभव करने तथा उन्हें आत्मसात करने का अवसर प्रदान करता है।
‘प्रेरणा’ कार्यक्रम का लक्ष्य केवल ज्ञान का प्रसार करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में आत्म-खोज की भावना को गहनता से बढ़ावा देना है। भारतीय समृद्ध सभ्यता के शाश्वत ज्ञान में निहित सिद्धांतों तथा आदर्शों को विद्यार्थियों में विकसित करना ही इस कार्यक्रम का उद्देश्य है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय शिक्षा प्रणाली द्वारा जीवन मूल्यों की शिक्षा प्रदान की जाएगी, जिससे उनके व्यक्तित्व में प्रभावशाली नेतृत्व क्षमता के गुणों का विकास हो सके।
इस लेख में ‘प्रेरणा’ कार्यक्रम की रूपरेखा के साथ-साथ इसके महत्वपूर्ण आयामों को समझने तथा विद्यार्थियों के अनुभवों को साझा करने का प्रयास किया गया है।