Vol. 44 No. 2 (2023): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की एक सार्थक पहल—सोशल ऑडिट

प्रसून कुमार
शोधार्थी, डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन, दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली 110007
जितेन्द्र कुमार पाटीदार
असिस्टेंट प्रोफेसर, अध्यापक शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, नई दिल्ली 110016

Published 2026-07-14

How to Cite

कुमार प., & पाटीदार ज. क. (2026). विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की एक सार्थक पहल—सोशल ऑडिट. भारतीय आधुनिक शिक्षा, 44(2), p.92.100. https://doi.org/10.64742/b6m8k247

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Abstract

भारत सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण विद्यालयी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए जुलाई 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई। इससे पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राज्य सरकारों के साथ मिलकर वर्ष 2018–19 से विद्यालयी शिक्षा की एकीकृत समग्र शिक्षा योजना संचालित की जा रही है, जिसे वर्तमान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप संशोधित कर लिया गया है, ताकि सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण, न्यायसंगत और समावेशी शिक्षा प्रदान की जा सके। इसी उद्देश्य की प्राप्ति हेतु इस योजना का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन कितनी कुशलता के साथ किया जा रहा है, इसका आकलन करने के लिए वर्ष 2021 में सामुदायिक भागीदारी से सोशल ऑडिट का प्रावधान किया गया है। इसी कड़ी में समग्र शिक्षा योजना के सोशल ऑडिट के दिशा-निर्देश भी अगस्त 2022 में जारी किए गए थे। यह लेख समग्र शिक्षा योजना तथा उसके सोशल ऑडिट के महत्व एवं प्रक्रिया को प्रस्तुत करता है, जिसमें सोशल ऑडिट का परिचय, सोशल ऑडिट के चरण तथा विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की सार्थकता के बारे में चर्चा प्रस्तुत की गई है।