Vol. 46 No. 3 (2022): प्राथमिक शिक्षक
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कोविड-19 काल के दौरान ऑनलाइन शिक्षण में विद्यार्थियों के ऑनलाइन आकलन में आने वाली चुनौतियों का अध्ययन

पुष्पेन्द्र यादव
पीएच.डी. शोधार्थी, शिक्षा विभाग (केंद्रीय शिक्षा संस्थान), दिल्ली विश्वविद्यालय, 33, छात्र मार्ग, दिल्ली 110 007

Published 2026-07-13

How to Cite

यादव प. (2026). कोविड-19 काल के दौरान ऑनलाइन शिक्षण में विद्यार्थियों के ऑनलाइन आकलन में आने वाली चुनौतियों का अध्ययन. प्राथमिक शिक्षक, 46(3), p.57-73. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5572

Abstract

दो वर्षों से अधिक का समय हो गया है जब हम सभी कोविड-19 महामारी के संक्रमण के खतरे के साये में जी रहे हैं। हम कह सकते हैं कि हम सभी कहीं न कहीं इस महामारी से प्रभावित हुए हैं। मार्च 2020 से पूरे भारत में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के कारण स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए थे। स्पष्ट रूप से यह कहा जा सकता है कि यह सदी की सबसे बड़ी महामारी में से एक है। हम सभी इस महामारी में उचित दूरी के साथ अपने घरों में रहने को मजबूर हुए हैं। हमारी आदत, जीवन शैली और व्यवहार में बहुत से बदलाव आ चुके हैं। इस महामारी के चलते हमारी शिक्षा प्रणाली को एकाएक पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में शिफ्ट होना पड़ा है, क्योंकि कोविड-19 महामारी से बचाव एवं इसकी रोकथाम के लिए आपस में उचित दूरी को बनाए रखना बेहद जरूरी था। ऐसे में ऑनलाइन आधारित शिक्षा हमें विकल्प प्रदान करती है कि हम कक्षा में या समूह में पढ़ने के बजाय अपने घरों में रहकर इंटरनेट के माध्यम से अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। लेकिन पूरी शिक्षा व्यवस्था का अचानक ऑनलाइन मोड में शिफ्ट हो जाना विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, स्कूल लीडर्स और नीति निर्माताओं के लिए कई प्रकार की चुनौतियाँ लेकर आया है। खासकर स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों को ऑनलाइन मोड में शिक्षण-अधिगम जारी रखने के लिए बहुत बड़े स्तर पर नई तकनीकों को अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ा है। जिस कारण अलग-अलग स्तर पर विभिन्न प्रकार की समस्याएँ सामने आई हैं। ऑनलाइन मोड में चल रहे शिक्षण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी ऑनलाइन आकलन तकनीक की जरूरत को महसूस किया गया है, क्योंकि आकलन वह प्रक्रिया है जो विद्यार्थियों को सुधार और उत्कृष्टता की ओर ले जाती है। ऐसे में कहा जा सकता है कि ऑनलाइन शिक्षण के उपरांत प्रभावी ऑनलाइन आकलन करना शिक्षकों, विद्यालयों और सरकार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनकर उभरा है। इस समीक्षा आलेख में शोधकर्ता ने विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यालयों के प्रबंधन और नीति-निर्माताओं के दृष्टिकोण से ऑनलाइन आकलन में आने वाली समस्याओं एवं चुनौतियों का विश्लेषण किया है।