खंड 48 No. 4 (2024): प्राथमिक शिक्षक
Articles

निपुण भारत मिशन के अंतर्गत समावेशी तथा समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु हरियाणा राज्य द्वारा किए जा रहे प्रयास

चेतना जठोल
ब्लॉक रिसोर्स पर्सन, खंड मातनहेल, झज्जर, हरियाणा – 124106
परगट सिंह जठोल
सहायक आचार्य, स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज़ इन टीचर एजुकेशन, झज्जर, हरियाणा – 124104

प्रकाशित 2026-07-13

सार

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अन्य सभी संस्तुतियों की सफलता का आधार प्राथमिक शिक्षा है। जब तक प्राथमिक शिक्षा को सुदृढ़ नहीं किया जाएगा, तब तक देश का शैक्षिक स्तर नहीं सुधर सकता। यदि प्राथमिक स्तर पर हम सुधार लाने में सक्षम होते हैं, तो उच्च शिक्षा के स्तर पर स्वतः ही सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। शिक्षा में अपेक्षित बदलाव के माध्यम से एक बेहतर समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।

इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक स्तर पर निपुण भारत मिशन पूरे देश में वर्ष 2021 से प्रारंभ किया गया, ताकि विद्यार्थियों की शैक्षिक नींव को सुदृढ़ किया जा सके और देश का प्रत्येक बच्चा निपुण बन सके। जब सभी राज्यों के विद्यार्थी निपुणता के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम हो जाएँगे, तब सतत विकास लक्ष्य-4, अर्थात् “सभी के लिए समावेशी एवं समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना तथा आजीवन सीखने के अवसरों को बढ़ावा देना”, की प्राप्ति की दिशा में भारत तीव्र गति से आगे बढ़ सकेगा। इससे भारत को विकसित देशों की श्रेणी में स्थापित करने में भी सहायता मिलेगी।

हरियाणा राज्य में भी निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफ.एल.एन.) कार्यक्रम वर्ष 2021 में प्रारंभ किया गया। इसके अंतर्गत राज्य में अनेक नवाचारी पहलें की गईं, जिनका उद्देश्य बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणितीय दक्षताओं का विकास करना है। प्रस्तुत लेख में इन पहलों तथा उनके क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न पहलुओं का विस्तार से वर्णन किया गया है।