प्रकाशित 2026-07-13
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सार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एन.ई.पी.) 2020 भारत की शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी पहल है, जो विद्यार्थियों के समग्र विकास (Comprehensive Development), आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) तथा अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) पर विशेष बल देती है। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (रा.शै.अ.प्र.प./एनसीईआरटी) द्वारा कक्षा 3 के लिए गणित की पाठ्यपुस्तकें ‘मैथ मेला’ तथा ‘गणित मेला’ विकसित की गई हैं।
इन पाठ्यपुस्तकों का निर्माण राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023 (National Curriculum Framework for School Education 2023) के दिशानिर्देशों के अनुरूप किया गया है। इनका उद्देश्य गणित शिक्षा के लिए एक सुव्यवस्थित, समग्र और बाल-केंद्रित दृष्टिकोण प्रस्तुत करना है।
पाठ्यपुस्तकों में गणितीय अवधारणाओं को बच्चों के दैनिक जीवन, स्थानीय परिवेश तथा अनुभवों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है, जिससे अधिगम अधिक अर्थपूर्ण और रुचिकर बन सके। इनमें गतिविधि-आधारित, खोजपरक तथा सहभागितापूर्ण अधिगम को प्रोत्साहित किया गया है, ताकि बच्चे केवल गणितीय प्रक्रियाएँ याद न करें, बल्कि अवधारणाओं को समझते हुए उनका व्यावहारिक उपयोग भी सीख सकें।
इस प्रकार ‘मैथ मेला’ और ‘गणित मेला’ पाठ्यपुस्तकें बच्चों के गणितीय ज्ञान, तार्किक चिंतन, समस्या-समाधान क्षमता तथा रचनात्मकता के विकास के साथ-साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान केंद्रित करती हैं।