खंड 48 No. 3 (2024): प्राथमिक शिक्षक
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023 के आलोक में कक्षा 3 की हिंदी पाठ्यपुस्तक ‘वीणा’ का विश्लेषणात्मक अध्ययन

नविंद्रा बाई
सहायक आचार्य, शिक्षा विभाग, क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, मैसूर, मैसूर – 570006
विश्वास
सह-आचार्य, शिक्षा विभाग, क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, मैसूर, मैसूर – 570006

प्रकाशित 2026-07-13

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बाई न., & विश्वास. (2026). राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023 के आलोक में कक्षा 3 की हिंदी पाठ्यपुस्तक ‘वीणा’ का विश्लेषणात्मक अध्ययन. प्राथमिक शिक्षक , 48(3), p.39-47. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5493

सार

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) देश में विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता के संवर्धन हेतु वर्ष 1961 से कार्यरत है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लागू होने के पश्चात शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में एनसीईआरटी द्वारा क्रमबद्ध रूप से अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।

इसी क्रम में एनसीईआरटी ने अप्रैल 2024 में कक्षा 3 के लिए हिंदी की पाठ्यपुस्तक ‘वीणा’ का निर्माण किया है। यह पाठ्यपुस्तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ-एसई) 2023 की संकल्पनाओं एवं अनुशंसाओं के अनुरूप विकसित की गई है।

प्रस्तुत अध्ययन में इस पाठ्यपुस्तक का विश्लेषणात्मक परीक्षण किया गया है। विश्लेषण के लिए जिन मानदंडों को आधार बनाया गया है, वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023 में वर्णित शैक्षिक सिद्धांतों, उद्देश्यों और अवधारणाओं पर आधारित हैं।

अध्ययन का उद्देश्य यह जानना है कि ‘वीणा’ पाठ्यपुस्तक किस सीमा तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और एनसीएफ-एसई 2023 के मूल उद्देश्यों, जैसे— अनुभवात्मक अधिगम, बाल-केंद्रित शिक्षण, बहुभाषिकता, समावेशिता, कौशल-आधारित अधिगम, भारतीय ज्ञान-परंपरा तथा आनंदमय शिक्षण को प्रतिबिंबित करती है।

यह विश्लेषण शिक्षकों, शिक्षक-प्रशिक्षकों, पाठ्यचर्या निर्माताओं तथा शोधकर्ताओं को पाठ्यपुस्तक की संरचना, विषयवस्तु, शिक्षणशास्त्रीय दृष्टिकोण तथा अधिगम अनुभवों को समझने में सहायक सिद्ध हो सकता है। साथ ही, यह अध्ययन विद्यालयी शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन का मूल्यांकन करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करता है।