खंड 48 No. 2 (2024): प्राथमिक शिक्षक
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स्वदेशी खेल-खिलौनों के माध्यम से अधिगम की संप्राप्ति : एक प्रायोगिक अध्ययन

एम. एम. रॉय
सहायक आचार्य, पाठ्यचर्या एवं मूल्यांकन विभाग, मंडलीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) घुम्मनहेड़ा, नई दिल्ली – 110073
मीना सहरावत
सहायक आचार्य, पाठ्यचर्या एवं मूल्यांकन विभाग, मंडलीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) घुम्मनहेड़ा, नई दिल्ली – 110073।
चित्ररेखा
सहायक आचार्य, पाठ्यचर्या एवं मूल्यांकन विभाग, मंडलीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) घुम्मनहेड़ा, नई दिल्ली – 110073

प्रकाशित 2026-07-13

सार

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लोकप्रिय, स्थानीय और स्वदेशी खिलौनों, कठपुतलियों, बोर्ड गेमों, इलेक्ट्रॉनिक खेलों तथा गली-मोहल्लों में खेले जाने वाले खेलों पर ध्यान केंद्रित करते हुए खिलौना-आधारित शिक्षणशास्त्र की अनुशंसा करती है।

मंडल शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, घुमनहेड़ा, नई दिल्ली ने बुनियादी एवं प्रारंभिक स्तर के लिए 30 से अधिक स्वदेशी खेलों और खिलौनों की सूची तैयार की तथा उनकी दक्षताओं एवं अधिगम-संप्राप्तियों के आधार पर विशेषज्ञों द्वारा उनकी वैधता स्थापित की गई। इसके उपरांत, बुनियादी एवं प्रारंभिक स्तर पर पहचाने गए 30 खेलों और खिलौनों में से केवल एक खेल (पिट्ठू) और एक खिलौने (हवा-चरखी) की प्रभावशीलता की जाँच के लिए उनका चयन सोद्देश्य प्रतिदर्शन प्रविधि द्वारा किया गया।

अध्ययन में प्रारंभिक स्तर की कक्षा 3 के 34 विद्यार्थियों को पिट्ठू खेल के लिए तथा बुनियादी स्तर की कक्षा 2 के 34 विद्यार्थियों को हवा-चरखी खिलौने के लिए एम.सी.पी.एस. विद्यालय, दिल्ली से सोद्देश्य प्रतिदर्शन प्रविधि द्वारा प्रतिदर्श के रूप में चुना गया।

खेल (पिट्ठू) और खिलौने (हवा-चरखी) की प्रभावशीलता का परीक्षण करने के लिए यादृच्छिक मिलान समूह अभिकल्प (Matched Group Design) का उपयोग किया गया। अधिगम-संप्राप्तियों के आधार पर पूर्व एवं पश्चात् कार्य-पत्रिकाएँ विकसित की गईं। आँकड़ों का वर्णन मध्यमान एवं मानक विचलन के माध्यम से किया गया तथा युग्मित ‘टी’ परीक्षण द्वारा उनका विश्लेषण किया गया।

अध्ययन के परिणामों से संकेत मिलता है कि स्वदेशी खेलों और खिलौनों के साथ सीखने वाले विद्यार्थियों तथा इनके बिना सीखने वाले विद्यार्थियों की मूलभूत साक्षरता उपलब्धियों के बीच सार्थक अंतर पाया गया।

यह अध्ययन दर्शाता है कि मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (Foundational Literacy and Numeracy) को अधिगम परिणामों से प्रभावी रूप से जोड़ने में स्वदेशी खेलों और खिलौनों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। ये विद्यार्थियों की दक्षताओं के विकास तथा अधिगम उपलब्धियों को बढ़ाने में एक प्रभावशाली शैक्षिक माध्यम सिद्ध हो सकते हैं।