प्रकाशित 2026-07-13
##submission.howToCite##
सार
प्रस्तुत लेख में कक्षा में बच्चों की सहज उपस्थिति से संबंधित विभिन्न आयामों पर चर्चा की गई है। बाल्यकाल में बच्चे स्थानीय परिवेश की कहानियों, कविताओं, चित्रों एवं खेल गतिविधियों के माध्यम से अनुकूल वातावरण में सहज रूप से अधिगम प्राप्त करते हैं।
कक्षा में बच्चों की सहज उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अनुकूल वातावरण का निर्माण आवश्यक है। इसके लिए विभिन्न गतिविधियाँ, जैसे— कविताओं को लय एवं हाव-भाव के साथ गाना, बच्चों को अधिगम वातावरण से जोड़ती हैं तथा वे रुचिपूर्वक शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में सहभागिता करते हैं।
बच्चे चित्रों के माध्यम से अपनी कल्पनाओं एवं विचारों को अभिव्यक्त करते हैं। इसी प्रकार, बच्चों में मौखिक भाषा विकास के लिए अनुभव-साझाकरण एक महत्वपूर्ण गतिविधि है, जिसमें अध्यापक और बच्चे अपने-अपने अनुभव साझा करते हैं। इस प्रक्रिया से बच्चों को अभिव्यक्ति का अवसर मिलता है तथा उनमें आत्मविश्वास का विकास होता है।
इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से बच्चे विद्यालयी वातावरण के साथ सहजता से जुड़ पाते हैं और अधिगम प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने लगते हैं।