छात्राध्यापकों में वृत्तिक कौशल विकास हेतु एक नवीन प्रयास : एकीकृत शिक्षण अभ्यास
प्रकाशित 2026-07-13
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सार
प्रस्तुत शोध आलेख में बी.एड. छात्राध्यापकों के कौशल विकास में एकीकृत शिक्षण अभ्यास की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
वर्तमान समय में सेवा-पूर्व अध्यापकों के प्रशिक्षण के लिए लगभग सभी अध्यापक शिक्षा संस्थानों में सूक्ष्म शिक्षण तकनीक को अपनाया जाता है। इस प्रशिक्षण तकनीक में एक आभासी कक्षा वातावरण में एक समय में केवल एक शिक्षण कौशल का अभ्यास कराया जाता है, जबकि वास्तविक कक्षा वातावरण में शिक्षण-अधिगम के दौरान अनेक कौशल एक साथ प्रयोग होते हैं, जिनमें मृदु कौशल भी शामिल होते हैं।
इसके साथ-साथ अध्यापकों को विद्यार्थियों के अधिगम कौशल पर भी ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इसलिए वास्तविक कक्षा वातावरण में अध्यापकों को प्रशिक्षण के समय अभ्यास किए गए कौशलों का प्रयोग करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
प्रस्तुत शोध आलेख में सूक्ष्म शिक्षण, दीर्घ शिक्षण (Mega Teaching) एवं एकीकृत शिक्षण के विषय में चर्चा करते हुए एकीकृत शिक्षण अभ्यास की आवश्यकता की ओर अध्यापक शिक्षा के विद्वानों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई है।