Vol. 49 No. 3 (2026): प्राथमिक शिक्षक
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की दृष्टि में विद्यार्थियों के लिए 21वीं सदी के जीवन कौशलों का विकास

पूनम तिवारी
सहायक आचार्या, एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ बिहेवियरल एंड एलाइड साइंसेज (AIBAS), एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा, उत्तर प्रदेश – 201301

Published 2026-07-13

How to Cite

तिवारी प. (2026). राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की दृष्टि में विद्यार्थियों के लिए 21वीं सदी के जीवन कौशलों का विकास. प्राथमिक शिक्षक, 49(3), p.100-110. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5352

Abstract

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार विद्यालयी बच्चों में 21वीं सदी के जीवन कौशलों का विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह नीति बच्चों को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए, उन्हें व्यावहारिक, सामाजिक, संज्ञानात्मक और भावनात्मक क्षमताओं से संपन्न बनाने पर बल देती है।

इसके अंतर्गत संवाद कौशल, समस्या-समाधान, निर्णय-क्षमता, नेतृत्व, सहयोग, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता जैसे जीवनोपयोगी कौशलों के संवर्धन को प्राथमिकता दी गई है। इन कौशलों से विद्यार्थी जीवन की जटिल चुनौतियों का सामना करने, नवाचार करने और सक्षम नागरिक बनने में समर्थ होंगे।

यह शिक्षा प्रणाली को अधिक समग्र, व्यावहारिक एवं उपयोगी बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल है।

प्रस्तुत शोध-पत्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के पाठ्य एवं नीतिगत दस्तावेजों के विश्लेषण पर आधारित है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में वर्णित जीवन कौशलों की भूमिका और उन्हें बढ़ावा देने के लिए अपनाई गई प्रमुख रणनीतियों का संक्षिप्त विश्लेषण करना है।

इस अध्ययन के अंतर्गत यह विश्लेषण किया गया है कि जीवन कौशलों का शिक्षा प्रणाली में किस प्रकार समावेश किया गया है तथा वे बच्चों के समग्र विकास में कैसी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।