Vol. 48 No. 4 (2024): प्राथमिक शिक्षक
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कक्षा 3 की पाठ्यपुस्तक ‘हमारा अद्भुत संसार’ द्वारा बच्चों में परिवेश के प्रति संवेदनशीलता का विकास

अभय कुमार
सहायक आचार्य, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET), राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (रा.शै.अ.प्र.प.), नई दिल्ली – 110016
कमलेश कुमार यादव
अकादमिक सलाहकार, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET), राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (रा.शै.अ.प्र.प.), नई दिल्ली – 110016

Published 2026-07-13

How to Cite

कुमार अ., & यादव क. क. (2026). कक्षा 3 की पाठ्यपुस्तक ‘हमारा अद्भुत संसार’ द्वारा बच्चों में परिवेश के प्रति संवेदनशीलता का विकास. प्राथमिक शिक्षक, 48(4), P.61-68. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5515

Abstract

‘हमारा अद्भुत संसार’ नामक पाठ्यपुस्तक कक्षा 3 के बच्चों के लिए तैयार की गई है, जिसका प्रमुख उद्देश्य बच्चों में पर्यावरणीय जागरूकता, पारिवारिक एवं सामाजिक मूल्यों का विकास करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एन.ई.पी.) 2020 तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एन.सी.एफ.) 2023 के निर्देशों के अनुरूप यह पुस्तक पर्यावरणीय संतुलन, जल संरक्षण, जैव विविधता तथा सामुदायिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष बल देती है।

पाठ्यपुस्तक में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया है। इसके अतिरिक्त, पोषण, स्वच्छता तथा स्वास्थ्य संबंधी विषयों को भी विशेष महत्व दिया गया है, ताकि बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता विकसित हो सके।

यह पुस्तक बच्चों की जिज्ञासा, आलोचनात्मक चिंतन तथा नैतिक मूल्यों के विकास में सहायक है। इसके माध्यम से बच्चों को अपने परिवेश को समझने, उससे जुड़ने तथा समाज के प्रति उत्तरदायित्वपूर्ण दृष्टिकोण विकसित करने के अवसर प्राप्त होते हैं। परिणामस्वरूप वे एक जागरूक, संवेदनशील और उत्तरदायी समाज के सदस्य बनने की दिशा में अग्रसर होते हैं।

हमारा अद्भुत संसार’ नामक पाठ्यपुस्तक कक्षा 3 के बच्चों के लिए तैयार की गई है, जिसका प्रमुख उद्देश्य बच्चों में पर्यावरणीय जागरूकता, पारिवारिक एवं सामाजिक मूल्यों का विकास करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एन.ई.पी.) 2020 तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एन.सी.एफ.) 2023 के निर्देशों के अनुरूप यह पुस्तक पर्यावरणीय संतुलन, जल संरक्षण, जैव विविधता तथा सामुदायिक सहयोग पर विशेष बल देती है।

पाठ्यपुस्तक में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया है। इसके अतिरिक्त, पोषण, स्वच्छता तथा स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। यह पुस्तक बच्चों की जिज्ञासा, आलोचनात्मक चिंतन तथा नैतिक मूल्यों के विकास में सहायक है, जिससे वे एक संवेदनशील और जागरूक समाज का हिस्सा बन सकें।

यह पाठ्यपुस्तक चार इकाइयों तथा 12 अध्यायों में विभाजित है, जिनमें परिवार, त्योहार, पर्यावरण, स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा सतत विकास जैसे विषय शामिल हैं। विषयवस्तु को बच्चों के अनुभवों, परिवेश तथा दैनिक जीवन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है, जिससे अधिगम अधिक अर्थपूर्ण एवं प्रभावी बनता है।

पाठ्यपुस्तक में व्यवहारवादी, रचनावादी तथा अनुभवात्मक अधिगम-शिक्षण पद्धतियों का समन्वित प्रयोग किया गया है, जो बच्चों की रचनात्मकता, संवेदनशीलता तथा समग्र विकास को प्रोत्साहित करती हैं।