Published 2026-07-13
How to Cite
Abstract
देशभक्ति वह मूल्य है, जो देश के प्रति प्रेम, निष्ठा, त्याग और समर्पण की भावना को व्यक्त करता है। किसी भी राष्ट्र के स्वस्थ आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक विकास के लिए उसके नागरिकों में देशभक्ति का मूल्य होना अत्यंत आवश्यक है। बदलते समय के साथ हमारे देश के विद्यार्थियों और नागरिकों में देश के प्रति प्रेम, त्याग और समर्पण की भावना में विभिन्न प्रकार के परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। सकारात्मक और प्रगतिशील परिवर्तन एक सशक्त, सभ्य और विकसित समाज तथा राष्ट्र के निर्माण में सहायक होते हैं।
यह आवश्यक है कि विद्यार्थी अपने राष्ट्र के प्रति गर्व का अनुभव करें तथा उन्हें देश के स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और गौरवगाथाओं की जानकारी हो। इससे वे अपने राष्ट्रीय नायकों को स्मरण रख सकेंगे और देश के प्रति अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का बोध विकसित कर सकेंगे।
इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए दिल्ली सरकार द्वारा 28 सितंबर 2021 को दिल्ली शिक्षा निदेशालय के सभी विद्यालयों में ‘देशभक्ति पाठ्यक्रम’ लागू किया गया। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, नागरिक उत्तरदायित्व, संवैधानिक मूल्यों तथा राष्ट्रीय चेतना का विकास करना है।
प्रस्तुत शोध का उद्देश्य यह जानना था कि विद्यालयों में देशभक्ति पाठ्यक्रम की गतिविधियों का उपयोग किस स्तर तक किया जा रहा है, विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम के प्रति कितने जागरूक हैं तथा इसका उनके व्यवहार और धारणाओं पर क्या प्रभाव पड़ा है।
इस अध्ययन के लिए दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले में स्थित दिल्ली शिक्षा निदेशालय के विद्यालयों से कक्षा 7 के 100 विद्यार्थियों का चयन निदर्शन विधि द्वारा किया गया। शोध में साक्षात्कार, प्रश्नावली तथा अवलोकन सूची को शोध उपकरणों के रूप में प्रयुक्त किया गया।
शोध के निष्कर्षों से यह ज्ञात हुआ कि देशभक्ति पाठ्यक्रम के परिणामस्वरूप विद्यार्थियों के व्यवहार, दृष्टिकोण और सोच में सकारात्मक तथा व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं। विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति सम्मान, उत्तरदायित्व तथा जागरूकता की भावना विकसित हुई है। तथापि, अध्ययन यह भी संकेत देता है कि देशभक्ति मूल्यों के और अधिक प्रभावी विकास के लिए इस दिशा में निरंतर नए प्रयासों तथा नवाचारी गतिविधियों की आवश्यकता बनी हुई है।