Vol. 48 No. 3 (2024): प्राथमिक शिक्षक
Articles

परिषदीय विद्यालयों में निपुण भारत मिशन की कार्यान्वयन स्थिति एवं चुनौतियों का अध्ययन

कुंदन सिंह
शिक्षक-प्रशिक्षक, नियोजन एवं प्रबंधन विभाग, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), बुधनपुर, अमरोहा, उत्तर प्रदेश – 244221
प्रतिभा सागर
सह-आचार्य, बी.एड./एम.एड. विभाग, महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली, उत्तर प्रदेश – 243006
बिजेन्द्र सिंह
सह-आचार्य, शिक्षा विभाग, राजकीय रज़ा पी.जी. कॉलेज, रामपुर, उत्तर प्रदेश – 244901

Published 2026-07-13

How to Cite

सिंह क., सागर प., & सिंह ब. (2026). परिषदीय विद्यालयों में निपुण भारत मिशन की कार्यान्वयन स्थिति एवं चुनौतियों का अध्ययन. प्राथमिक शिक्षक, 48(3), p.12-26. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5491

Abstract

शिक्षा मनुष्य के जीवन को उन्नत बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण सामाजिक प्रक्रिया है। किसी राष्ट्र की प्रगति और विकास का आकलन उसकी शैक्षिक उपलब्धियों के आधार पर किया जा सकता है। किसी भी राष्ट्र की सामाजिक-आर्थिक स्थिति तथा समृद्धि के संवर्धन में शिक्षा एक प्रभावी भूमिका निभाती है।

स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भारत में शैक्षिक सुधारों के लिए अनेक योजनाओं, आयोगों, शिक्षा नीतियों, समितियों तथा पाठ्यचर्याओं का गठन एवं निर्माण किया गया है। बदलते हुए शैक्षिक ढाँचे तथा वैश्विक शैक्षिक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन के अंतर्गत निपुण भारत मिशन (NIPUN Bharat Mission — National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and Numeracy) का शुभारंभ 5 जुलाई 2021 को किया।

निपुण भारत मिशन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy) का विकास करना है। इस योजना के माध्यम से वर्ष 2026–27 तक यह सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है कि कक्षा 3 तक पहुँचने वाले सभी विद्यार्थी पढ़ने, लिखने तथा आधारभूत गणितीय दक्षताओं को प्राप्त कर सकें।

प्रस्तुत शोध के लिए उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद से 87 परिषदीय विद्यालयों तथा उनमें अध्ययनरत कक्षा 1, 2 और 3 के कुल 748 विद्यार्थियों का चयन यादृच्छिक न्यादर्श विधि द्वारा किया गया। यह एक मात्रात्मक शोध अध्ययन है।

आँकड़ों के संग्रह हेतु शोधकर्ता द्वारा स्वनिर्मित ‘निपुण दक्षता एवं विद्यालय सर्वेक्षण अनुसूची’ का उपयोग किया गया। प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण हेतु प्रतिशतता सांख्यिकी का प्रयोग किया गया।

आँकड़ों के विश्लेषण से ज्ञात हुआ कि हिंदी भाषा में कक्षा 1, 2 और 3 के विद्यार्थियों की निपुणता का प्रतिशत क्रमशः 61.29%, 58.06% तथा 65.73% पाया गया। इसी प्रकार गणित विषय में कक्षा 1, 2 और 3 के विद्यार्थियों की निपुणता का प्रतिशत क्रमशः 65.86%, 58.46% तथा 64.94% पाया गया।

अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु विद्यालयों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षताओं के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, इन परिणामों के आधार पर शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता भी रेखांकित होती है, ताकि सभी विद्यार्थी निर्धारित अधिगम लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।