Vol. 49 No. 4 (2025): प्राथमिक शिक्षक
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मातृभाषा आधारित प्राथमिक शिक्षा पर अभिभावकों के दृष्टिकोण का समालोचनात्मक अध्ययन

कुलदीप कुमार पाण्डेय
शोधार्थी (एम.एड.), शिक्षा विभाग (सी.आई.ई.), दिल्ली विश्वविद्यालय – 110007
ज्ञानेन्द्र कुमार
सहायक आचार्य, शिक्षा विभाग (सी.आई.ई.), दिल्ली विश्वविद्यालय – 110007

Published 2026-07-13

How to Cite

पाण्डेय क. क., & कुमार ज. (2026). मातृभाषा आधारित प्राथमिक शिक्षा पर अभिभावकों के दृष्टिकोण का समालोचनात्मक अध्ययन. प्राथमिक शिक्षक, 49(4), p.35-47. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5329

Abstract

बच्चे विद्यालय आने से पहले आस-पास के परिवेश की भाषा के माध्यम से अपनी समझ बनाते हैं। विद्यालय में उनके घर की भाषा/मातृभाषा को माध्यम बनाने से न केवल उनमें संज्ञानात्मक, भावनात्मक, सामाजिक व सांस्कृतिक विकास होता है, अपितु उनमें आत्मविश्वास भी सुदृढ़ होता है।

परंतु बच्चों की शैक्षणिक और व्यावसायिक संभावनाओं पर दीर्घकालिक प्रभाव के बारे में चिंताओं के कारण अभिभावकों की ओर से निरंतर प्रतिरोध बना हुआ है। अतः प्राथमिक विद्यालय में शिक्षण के माध्यम के रूप में मातृभाषा के उपयोग पर अभिभावकों के दृष्टिकोण का समालोचनात्मक अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

इस शोध में कथात्मक शोध डिजाइन अपनाया गया, जिसका उद्देश्य यह विवेचना करना है कि अभिभावकों की मातृभाषा के संप्रत्यय तथा प्रयोग के प्रति क्या दृष्टिकोण हैं तथा इसके उपयोग के विरोध में कौन-कौन से कारक प्रभावी हैं।

अध्ययन निष्कर्ष से प्रकट होता है कि भारत जैसे भाषायी विविधता वाले देश में मातृभाषा को शिक्षण माध्यम के रूप में उपयोग करने में अनेक चुनौतियाँ हैं। जैसे अभिभावकों की मातृभाषा की समझ में भिन्नता, अभिभावकों द्वारा बच्चों के भविष्य की व्यावसायिक संभावनाओं के कारण नकारात्मक दृष्टिकोण और समाज में शिक्षा माध्यम का अभिभावकों की सामाजिक स्थिति से जोड़कर देखा जाना।

निष्कर्षों के आधार पर, अध्ययन में सुझाव दिया गया है कि अभिभावकों में मातृभाषा के प्रति सम्मान विकसित करना, भाषायी नीतियों का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन तथा सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में अवसरों को बढ़ाना चाहिए।

हालाँकि, यह लेख किसी शोध प्रक्रिया को नहीं अपनाता, परंतु एक आम दृष्टिकोण को दर्शाने का प्रयास है।