Vol. 49 No. 1 (2025): प्राथमिक शिक्षक
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और कक्षा 3 की हिंदी पाठ्यपुस्तक ‘वीणा 1’ की समीक्षा

नीतू यादव
प्राचार्य, आर्यन कॉलेज ऑफ एजुकेशन, उत्तम नगर, नई दिल्ली – 110059
मोनू सिंह गुर्जर
सहायक आचार्य, प्रारंभिक शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, नई दिल्ली – 110016

Published 2026-07-13

How to Cite

यादव न., & गुर्जर म. स. (2026). राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और कक्षा 3 की हिंदी पाठ्यपुस्तक ‘वीणा 1’ की समीक्षा. प्राथमिक शिक्षक, 49(1), p.80-95. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5295

Abstract

राष्ट्र की उन्नति में शिक्षा सबसे सशक्त माध्यम के रूप में सामने आई है। शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र के विकास को उत्तरोत्तर उन्नति के शिखर पर ले जाया जा सकता है। समाज में परिवर्तन अपेक्षित है; बदलते समय के साथ समायोजन स्थापित करने में भी शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षा के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए समाज में विद्यालयों की स्थापना की जाती है। विद्यालय औपचारिक शिक्षा का एक प्रभावशाली माध्यम है, जिसमें शिक्षा के उद्देश्यों को ध्यान में रखकर पाठ्यचर्या का निर्माण कर उसे लागू किया जाता है। पाठ्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से व्यवहार में लाने के लिए पाठ्यपुस्तकों का निर्माण किया जाता है। प्रस्तुत शोध में कक्षा 3 की हिंदी की पाठ्यपुस्तक ‘वीणा 1’ का विश्लेषणात्मक अध्ययन करने का प्रयास किया जा रहा है। यह पाठ्यपुस्तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एन.सी.एफ.-एस.ई.) 2023 के संकल्प के अनुरूप तैयार की गई है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा इस पुस्तक के माध्यम से शैक्षिक गुणवत्ता में संवर्धन करने का प्रयास किया गया है। हिंदी भाषा की ‘वीणा’ पुस्तक के माध्यम से बच्चों में भाषायी कौशलों तथा समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें एकीकृत और बहु-विषयक उपागमों का भी प्रयोग किया गया है। प्रस्तुत लेख में हिंदी पाठ्यपुस्तक ‘वीणा 1’ के विषय में यह जानने का प्रयास किया गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के निर्धारित उद्देश्यों तथा अपेक्षाओं को पूरा करने में यह पुस्तक कितनी सक्षम है।