Vol. 46 No. 4 (2022): प्राथमिक शिक्षक
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शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत संचालित विशेष प्रशिक्षण केंद्र के विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा की वस्तुस्थिति का अध्ययन

सरला वर्मा
असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रारंभिक शिक्षा विभाग, रा.शै.अ.प्र.प., नई दिल्ली

Published 2026-07-13

How to Cite

वर्मा स. (2026). शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत संचालित विशेष प्रशिक्षण केंद्र के विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा की वस्तुस्थिति का अध्ययन. प्राथमिक शिक्षक, 46(4), p.59-65. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5554

Abstract

बच्चे के जीवन में सीखना जीवन पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है। विद्यालय में सीखने की प्रक्रिया का प्रमुख आधार शिक्षक और विद्यार्थी के बीच का संबंध है, जिसकी वजह से बच्चा बिना परेशानी के अपनी शिक्षा पूर्ण कर पाता है। यदि हम प्रारंभिक शिक्षा को सभी बच्चों तक पहुँचाने की बात करें तो निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एक महत्वपूर्ण अधिनियम है। इसमें उन बच्चों की शिक्षा पर प्रकाश डाला गया है जो किसी कारण से विद्यालय नहीं जा पाए अथवा प्रारंभिक शिक्षा को पूरी किए बिना बीच में ही विद्यालय छोड़ चुके हैं। ऐसे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने वाले बच्चों के स्तर तक लाने के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र खोले गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य इन बच्चों के अधिगम स्तर में वृद्धि करना है, जिससे कि वे अपनी आयु के नियमित विद्यालय आने वाले बच्चों के समान स्तर को प्राप्त कर सकें। इस प्रशिक्षण के बाद वे नियमित विद्यालयों में अपनी आयु के अन्य बच्चों के साथ समायोजित और प्रगति करने में समर्थ होकर मुख्यधारा से जुड़ जाते हैं।

अक्सर देखा गया है कि विशेष प्रशिक्षण केंद्र में आने वाले विद्यार्थी तथा उनके माता-पिता स्वास्थ्य शिक्षा के प्रति उदासीन रहते हैं, जिससे इन विद्यार्थियों के स्वास्थ्य में दिनोंदिन गिरावट आती जा रही है और ये कुपोषण के शिकार हो जाते हैं। विद्यार्थियों का शारीरिक स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है, क्योंकि बच्चा जब शारीरिक रूप से स्वस्थ होगा, तभी वह सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में भाग लेगा और अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण कर पाएगा। इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर विशेष प्रशिक्षण केंद्रों में स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा से संबंधित भौतिक संसाधनों तथा स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा की क्रियान्विति का पता लगाना आवश्यक समझा गया। इसके लिए एक शोध किया गया और इस शोधकार्य को दिल्ली राज्य के 2 जिलों के राजकीय विद्यालयों में संचालित 5 विशेष प्रशिक्षण केंद्रों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8 तक के 150 विद्यार्थियों में से 100 विद्यार्थियों तक सीमित रखा गया। दत्त संकलन स्वनिर्मित प्रश्नावली का उपयोग कर सर्वेक्षण विधि के माध्यम से किया गया है। दत्त विश्लेषण प्रतिशत का उपयोग किया गया है।