Vol. 46 No. 4 (2022): प्राथमिक शिक्षक
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बच्चों की साहित्यिक प्रतिभा को विकसित करने वाले कारक

नीतिन कुमार ढाढोदरा
सहायक प्राध्यापक, शिक्षा संकाय, गुजरात विद्यापीठ, आश्रम मार्ग, अहमदाबाद, गुजरात 380 014

Published 2026-07-13

How to Cite

ढाढोदरा न. क. (2026). बच्चों की साहित्यिक प्रतिभा को विकसित करने वाले कारक. प्राथमिक शिक्षक, 46(4), p.52-58. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5553

Abstract

लैटिन कहावत के अनुसार, “साहित्यकार पैदा होते हैं, साहित्यकार बनाए नहीं जा सकते” (poets are born not made)। यह सच हो सकता है कि साहित्यकार पैदा होते हैं, लेकिन इन साहित्यकारों की साहित्यिक प्रतिभा का पोषण कौन करता है, इस पर मतभेद है। बच्चों के लिए यह बहुत उपयोगी होगा यदि उन कारकों को ज्ञात किया जाए जो साहित्यिक प्रतिभा को आकार देते हैं। इसके आधार पर स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों में सुषुप्‍त साहित्यिकता को पोषित करने की योजना को अंजाम दिया जा सकता है। इस अनुसंधान का प्रमुख उद्देश्य बच्चों की साहित्यिक प्रतिभा को विकसित करने वाले आंतरिक और बाह्य कारकों को ज्ञात करके बच्चों की साहित्यिक प्रतिभा को विकसित करने में अभिभावकों, शिक्षकों और विभिन्न संस्थाओं की भूमिका को स्पष्‍ट करना है। निष्कर्ष में साहित्यिक प्रतिभा को विकसित करने वाले आंतरिक और बाह्य कारकों की सूची दी गई है; अभिभावकों, शिक्षकों और विभिन्न संस्थाओं की भूमिका ज्ञात करके सुझाव दिए गए हैं। इससे बच्चों की साहित्यिक प्रतिभा को विकसित करने में शिक्षकों की भूमिका, अभिभावकों की भूमिका, स्कूल में माहौल का निर्माण और पाठ्यक्रम संबंधी गतिविधियों को निर्देशित किया जा सकता है। अनुसंधान के निष्कर्ष भाषा-साहित्य में बच्चों की रुचि विकसित करने के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में काम कर सकते हैं।