Vol. 46 No. 2 (2022): प्राथमिक शिक्षक
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बालिकाओं की स्कूली शिक्षा का स्थितिपरक विश्लेषण : संघर्ष और चुनौतियाँ

सविता
एसोसिएट प्रोफ़ेसर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली
हरप्रीत सेहम्बी
असिस्टेंट मैनेजर, एग्जीक्यूटिव एजुकेशन एंड कंसल्टेंसी, जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, नई दिल्ली

Published 2026-07-13

How to Cite

सविता, & सेहम्बी ह. (2026). बालिकाओं की स्कूली शिक्षा का स्थितिपरक विश्लेषण : संघर्ष और चुनौतियाँ. प्राथमिक शिक्षक, 46(2), p.58-67. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5530

Abstract

भारत में प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन एक सफलता की कहानी रही है, जिसका मुख्य कारण दूरदराज के क्षेत्रों में नामांकन बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और अभियानों का कार्यान्वयन है। एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (असर, 2020) के अनुसार, भारत में स्कूल न जाने वाली लड़कियों की संख्या 2006 में 10.3 प्रतिशत से घटकर 2019 में 4.1 प्रतिशत हो गई है।

वर्तमान शोध में प्राथमिक स्तर पर लड़कियों द्वारा सामना किए जाने वाले विभिन्न मुद्दों और चुनौतियों का पता लगाने का प्रयास किया गया है, जो प्रारंभिक शिक्षा को सुचारु रूप से प्राप्त करने में उनके मार्ग की बड़ी बाधाएँ हैं। इस शोध के आँकड़ों में प्राथमिक स्रोतों के अलावा अन्य द्वितीयक स्रोतों, जैसे—सरकारी रिपोर्ट, किताबें, जर्नल शोध, सांख्यिकीय रिपोर्ट और वर्किंग पेपर का उपयोग किया गया है।

इस शोध में विद्यालय स्तर पर लड़कियों की शिक्षा को प्रभावित करने वाले कारकों की पहचान करने का प्रयास किया गया है।