Vol. 47 No. 2 (2023): प्राथमिक शिक्षक
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वर्तमान समय में प्राथमिक शिक्षक-शिक्षा

प्रभाकर प्रभाकर कुमार
शोधार्थी, हिंदी विभाग, हैदराबाद विश्वविद्यालय, हैदराबाद, तेलंगाना – 500046।

Published 2026-07-13

How to Cite

कुमार प. प. (2026). वर्तमान समय में प्राथमिक शिक्षक-शिक्षा. प्राथमिक शिक्षक, 47(2), p.57-61. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5399

Abstract

“शिक्षा की जड़ें कड़वी हैं, लेकिन फल बहुत ही मीठा है।” — अरस्तु

शिक्षा मानव जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मानव को मानव और अन्य पशु-पक्षियों से अलग पहचान दिलाने में शिक्षा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आज मानव ने जो भी विकास किया है, उसके पीछे शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

इस शिक्षा की नींव के रूप में प्राथमिक शिक्षा को देखा जा सकता है, क्योंकि मानव की शिक्षा की शुरुआत भी प्राथमिक शिक्षा से ही होती है। इसलिए किसी भी देश के लिए प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाना उसका प्रथम उद्देश्य होना चाहिए।

भारत में इसके लिए किस प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं, प्रस्तुत आलेख में प्राथमिक शिक्षक-शिक्षा से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई है।