Published 2026-07-13
How to Cite
Abstract
कोविड-19 काल में लॉकडाउन के दौरान पूरी दुनिया में सारी गतिविधियाँ प्रभावित हुईं। शिक्षा का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहा। भारत जैसे देश में, जहाँ पर शिक्षा व्यापक रूप में दी जाती है और विभिन्न प्रकार के स्कूलों तथा तरह-तरह के परिवेश से छात्र-छात्राएँ आते हैं, ऐसे देश में शिक्षा का प्रचार और प्रसार कोविड-19 काल में अपने आप में एक चुनौती के रूप में उभरा।
इस महामारी का शिक्षकों ने डटकर सामना किया। शिक्षकों ने अपनी-अपनी तरह से शिक्षण-अधिगम के पहिये को थमने नहीं दिया। अलग-अलग तरह से बच्चों तक पहुँचने और शिक्षण सामग्री पहुँचाने की कोशिश की गई। सभी के सार्थक प्रयास से इस कठिन काल में भी बच्चे पढ़ाई से वंचित नहीं रहे।
ऐसा ही एक प्रयास ‘मिशन शिक्षण संवाद’ द्वारा किया गया, जिसमें उन्होंने कोविड-19 काल के दौरान उभरी हुई चुनौतियों का डटकर सामना किया एवं एक उदाहरण प्रस्तुत किया।
साथ ही, कोविड-19 काल के दौरान उन्होंने जो तकनीकी जानकारी प्राप्त की, उससे न केवल बच्चों का मनोबल बढ़ाया और शिक्षा जारी रखी, बल्कि कोविड-19 काल के बाद भी उस समय सीखे गए कौशल का अनवरत प्रयोग जारी रखा।
प्रस्तुत प्रपत्र में इसी समूह की पहलों के बारे में चर्चा की गई है।